विकास भवन: मनमानी पास...बायोमैट्रिक व्यवस्था 'फेल'

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। विकास भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों की लेटलतीफी की समस्या अंग्रेजों के जमाने के जेलर की तरह काबू से बाहर हो गई है।

सीडीओ ने इसे रोकने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था शुरू कराई थी और विभागाध्यक्षों को देर से आने वाले कर्मचारियों का वेतन और मानदेय रोकने का निर्देश दिया था लेकिन इसके बाद भी न कर्मचारियों ने देर से आना छोड़ा न उनके अधिकारियों ने कोई कार्रवाई की। बायोमेट्रिक मशीन पर कर्मचारियों का डाटा तक फीड नहीं किया गया। सीडीओ ने इस पर फिर कड़ा पत्र जारी किया

लेटलतीफी की समस्या वैसे तो लगभग सभी सरकारी कार्यालयों में आम है। प्रशासन के उच्चाधिकारी जब भी कार्यालय खुलते ही उपस्थिति चेक करने निकलते हैं तो भारी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी गैरहाजिर मिलते ही हैं लेकिन यह समस्या सबसे ज्यादा विकास भवन में है।

खुद सीडीओ ने कुछ महीने पहले कर्मचारियों के देर से दफ्तर आने और जल्दी चले जाने की वजह से सरकारी कामकाज में होने वाली दिक्कतों को महसूस किया और इसके बाद विकास भवन में कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था को लागू कराया था। इसके साथ उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किया था कि कर्मचारियों का वेतन बायोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर ही जारी किया जाए।

सीडीओ के आदेश के बाद विकास भवन में बायोमेट्रिक मशीन तो लग गई लेकिन उस पर हाजिरी की व्यवस्था लागू नहीं हो पाई। अब फिर उन्होंने ज्यादातर कर्मचारियों के बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी न लगाने का संज्ञान लिया है। यह भी पाया है कि इसके बावजूद विभागाध्यक्ष भी उनके निर्देश के मुताबिक वेतन रोकने की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इसके बाद सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी किया है।

फिर निर्देश: पहली बार में चेतावनी दें, दूसरी बार वेतन कटे, तीसरी बार दें प्रतिकूल प्रविष्टि
सीडीओ ने नए पत्र में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू न किए जाने को अनुभागीय अधिकारियों की उदासीनता और शिथिलता करार देते हुए कहा है कि यह कार्यशैली को उचित नहीं है।

कहा है कि अगले महीने से बायोमेट्रिक हाजिरी पर ही कर्मचारियों का वेतन और मानदेय जारी किया जाए। देर से आने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए। इसके लिए डीआरडीए के कंप्यूटर ऑपरेटर पीयूष मिश्रा से समन्वय स्थापित करने को कहा है। निर्देश दिया है कि पहली बार देर से आने या जल्दी जाने पर कड़ी चेतावनी जारी की जाए। दूसरी बार में वेतन काटा जाए और अगर इसके बाद भी कोई लेट आता है तो उसे प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की जाए।

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