Covid वैक्सीन तो अफवाह, इस वजह से बढ़े हार्टअटैक के मामले, जानिए वैक्सीन बनाने में अहम रोल अदा करने वाले प्रो. भार्गव ने क्या कहा
रविशंकर गुप्ता/ अमृत विचार ( एक्सक्लूसिव ) लखनऊ। कोरोना जैसी महामारी के बाद हार्टअटैक से मौत के मामले बढ़े हैं। कई मामलो में 26 से लेकर 35 तक उम्र के लोगों की हार्ट अटैक से उस समय मौत हो गई जब वह वॉकिंग कर रहे थे या जिम कर रहे थे। कई शादी समारोह में भी देखने को मिला कि लोगों को डांस करते-करते हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई। इस तरह के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस बात की चर्चा भी जोरो पर होने लगी कि कोविड वैक्सीन की जिसने डोज ली उसी के साथ ऐसा हो रहा है। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है।
ये जानकारी बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बातौर मुख्य अतिाथि के रूप में शामिल होने आये (Balram Bhargava, former Director of the Indian Council of Medical Research ICMR and Padmashree Professor, Department of Cardiology, AIIMS New Delhi) इंडियन कांउसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च आईसीएमआर के पूर्व निदेशक और एम्स नई दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग के पद्मश्री प्रोफेसर बलराम भार्गव ने अमृत विचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में कही।
प्रोफेसर भार्गव की ही बात क्यों माने?
बता दें कि प्रो. भार्गव ही COVID-19 महामारी के दौरान स्वदेशी वैक्सीन COVAXIN के विकास में अपना अहम योगदान दे रहे थे। इस योगदान के लिए वह पूरे विश्व में प्रसिद्ध भी हुए। एक विशिष्ट करियर के साथ, उन्होंने पहले नई दिल्ली में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक के रूप में कार्य किया और भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव का पद संभाला। इसलिए अमृत विचार ने हार्ट अटैक से होने वाली युवाओं की मौत के बारे में उनसे जानने का प्रयास किया।
वैक्सीन की डोज से हार्ट अटैक की बात से किया इनकार
प्रो. भार्गव से जब ये पूछा गया कि क्या ऐसा है कि वैक्सीन डोज से लोगों में हार्ट अटैक के खतरे बढ़े? उनका स्पष्ट जवाब था कि कोविड वैक्सीन की डोज लेने वालों में हार्ट अटैक का खतरा नहीं बढ़ा है ये बात गलत है। उन्होंने कहा जो लोग इस तरह की बात करते हैँ वह पूरी तरह से अफवाह है। उन्होंने अमृत विचार को ये भी बताया कि आज युवा जिस तरह की दिनचर्या बिता रहा है अगर सुधार नहीं किया तो आने वाले दिनों में परिणाम भयानक हो सकते हैं।
हार्टअटैक की ये बताई सबसे बड़ी वजह
प्रोफेसर भार्गव ने अमृत विचार से बातचीत में कहा कि कोरोना काल के बाद बढ़ते हार्ट अटैक का कारण कोविड वैक्सीन नहीं बल्कि लोगों की गलत आदते हैं। उन्होंने बताया किा कोरोना महामारी के बाद लोगों में इम्युनिटी पॉवर काफी कम हुई। इसमें कोई दो राय नहीं है। वहां पर वैक्सीन ने लोगों की जान बचाने का काम किया। लेकिन जान बचने का मतलब ये नहीं था कि हमारा जीवन पहले जैसे हो गया था। उन्होंने कहा लोगों को अपने खाने पीने, सोने जगने की टाइमिंग पर ध्यान देना होगा। लेकिन लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी को अपना रूटीन सुधारना होगा। आज के यूथ का देर रात तक सोना होता है, विस्तर पर भी घंटो मोबाइल चलाकर अपना समय बर्बाद करता है, इससे बचना होगा। उन्होंने कहा जब हम अपनी पूरी नींद नहीं लेते हैँ तो हार्ट अटैक की शिकायत बढ़ती है।
इन चीजे तत्काल छोड़ने को कहा
अमृत विचार विचार से बातचीत में प्रोफेसर भार्गव ने कहा कि आज का युवा नशे की चपेट में भी है। लोग तंबाकू, सिगरेट, शराब का इतनी तेजी से सेवन कर रहे हैं इससे हार्ट अटैक के खतरे बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि नशे की लत से दूर रहना होगा। उन्होंने ये भी माना कि कोरोना महामारी के बाद पहले जैसे जीवन नहीं रहा। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से अगर कोविड वैक्सीन जल्दी नहीं तैयार की जाती तो इससे अधिक मौते हो सकती थी, उन्होंने कहा वैक्सीन ने जान बचाने का काम किया है।
अब ये हो रही तैयारी ताकि न फैले अब कोरोना जैसी महामारी
प्रो. भार्गव ने कहा कि भारत में कोरोना जैसे महामारी इससे पहले कभी नहीं आई। लेकिन जो महामारी फैली थी उससे सरकार ने देश के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने बहुत बड़ा सबक लिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इसको रोकने के लिए एक बड़ा रोड मैप तैयार हो रहा है। इसमें भारत सरकार के निर्देश पर देश के सभी वैज्ञानिक और मेडिकल से जुड़े हुए इंस्टीट्यूट मिलकर काम कर रहे हैं।
स्वदेशी वैक्सीन निर्माण करना था चुनौती
प्रो. भार्गव ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान हमने कोरोना को रोकने के लिए स्वदेशी वैक्सीन को रिकार्ड समय में विकसित किया है लेकिन ये एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि वैक्सीन तैयार होने के बाद काफी समय तक ट्रायल होता है लेकिन हमारे पास ट्रायल का मौका तक नहीं था। ऐसे में सीधे वैक्सीन की डोज देना भी खतरे से कम नहीं था लेकिन फिर भी हमें सफलता मिली और लोगों की जान बचाने में हम कामयाब हुए।
भारत में 70 प्रतिशत लोग कर रहे हैं तंबाका सेवन
डॉ भार्गव ने कहा कि हमारे देश में 70 प्रतिशत लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। इसके अलावा भी लोग नशे की चपेट हैँ जो कि खतरनाक है। उन्होंने कहा कि विश्व में जितना भी तंबाकू का उत्पादन होता है उसका सबसे ज्यादा 70% से अधिक का प्रयोग भारत में होता है। विशेष तौर पर जो लोग जिम जाते हैं उन्हें सिगरेट व तंबाकू के सेवन से परहेज करना चाहिए।
ये भी हार्ट अटैक के कारण
- ज्यादा तनाव लेना
- - अधिक जिम करना
- - बीपी कोलेस्ट्राल बढ़ना
- - ज्यादा वजन बढ़ना
- - अच्छी नींद न लेना
- - जंकफूड का ज्यादा सेवन करना
- - तली हुई चीजों का ज्यादा सेवन
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