बाराबंकी : दो नाबालिग बहनों से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास
पांच वर्ष बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा, 20 हजार का लगाया जुर्माना
बाराबंकी, अमृत विचार। पांच वर्ष पहले दो नाबालिग चचेरी बहनों को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के बाद दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को दोषी मानते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने 20 वर्ष के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला जैदपुर थाना क्षेत्र का है। यहां के एक गांव निवासी पीड़ित भाई ने 3 अगस्त 2018 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी नाबालिग बहन व चचेरी बहन को थाना क्षेत्र के गढ़ी राखमऊ निवासी जुबैर बहला- फुसलाकर भगा ले जाने के साथ दुष्कर्म किया। इस पर पुलिस ने अपहर, दुष्कर्म के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने दोनों नाबालिग बहनों को बरामद करने के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। दोनों किशोरी का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद विवेचक ने बयान व वैज्ञानिक साक्ष्यों को संकलित कर अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई कर रही अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गवाहो के बयान व साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त जुबेर को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
विश्वासघात करने वाले को साल भर का कारावास
पटरा- बल्ली की दुकान से लोहे में फर्मा व रिक्शा ले जाने के बाद वापस न लौटाकर विश्वासघात करने वाले अभियुक्त को दोषी मानते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने एक वर्ष का कठोर कारावास व आठ सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
नगर कोतवाली के मकदूमपुर बडेल निवासी हिमांशु वर्मा ने 25 फरवरी को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी दुकान से मोहारी का पुरवा निवासी लालजी गुप्ता तीन लोहे के फर्मा व रिक्शा लेकर गए। उसे वापस न कर विश्वासघात किया। इस पर पुलिस ने न्यासभंग की धारा के तहत केस दर्ज किया। उसके बाद अभियुक्त को गिरफ्तार कर माल बरामद किया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेजने के बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों समेत अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया। इसकी सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषी मानते हुए एक साल के कठोर कारावास व आठ सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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