अयोध्या: प्राण प्रतिष्ठा से पहले मनाया जाएगा रामलला का प्राकट्य उत्सव, श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति ने की है यह बड़ी तैयारी!

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पहले अस्थाई मंदिर में विराजमान रामलला का प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा। 14 जनवरी को शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति की पहली बैठक बुधवार को हिंदू धाम में हुई, जिसमें पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती को समिति का अध्यक्ष चुना गया।

श्री राम सेवा समिति के उपाध्यक्ष अच्युत शुक्ला ने बताया कि डॉ. रामविलास दास वेदांती की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस वर्ष रामलला के प्राकट्य उत्सव को मनाए जाने का प्रस्ताव आया है। 14 जनवरी को पौष शुक्ल तृतीया के दिन प्रतीकात्मक स्वरूप के साथ रामलला की शोभायात्रा निकाली जाएगी।

इस वर्ष यह तीन दिवसीय आयोजन संपन्न किए जाएंगे। 12 जनवरी को राम जन्मभूमि परिसर स्थित अस्थाई मंदिर में रामलला के समक्ष कलश स्थापना होगी। 13 जनवरी को पूजन अर्चन होगा और फिर 14 जनवरी को बैंड बाजे के साथ संतों के सानिध्य में शोभायात्रा निकालकर रामकोट की परिक्रमा करेंगे और इसी दिन विसर्जन के बाद यह उत्सव समाप्त हो जाएगा।

हर वर्ष मनाया जाता है रामलला का प्राकट्य उत्सव 

पौष शुक्ल तृतीय तिथि 22 दिसंबर 1949 को रामलला का प्राकट्य हुआ था। इसी दिन प्रत्येक वर्ष रामलला के प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष यह तिथि प्राण प्रतिष्ठा से महज सात दिन पूर्व पड़ रहा है। इसको लेकर समिति ने भी तैयारी शुरू कर दी है।

बुधवार को सदस्यों की बैठक में समिति के अध्यक्ष रहे संजय शुक्ला ने अपने पद से इस्तीफा दिया। जिनके स्थान पर राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास के नाम पर सहमति और इसके साथ ही सभापति के रूप में महंत धर्मदास के नाम पर सदस्यों की सहमति रही।

इसके अलावा अन्य पदों व सदस्यों के लिए महंत जनार्दन दास, महंत अवधेश दास, महंत सत्येंद्र दास वेदांती, तिवारी मंदिर के महंत गिरीश पति त्रिपाठी, महंत किशोरी शरण, मैथिली रमण शरण सहित अन्य लोगों के नाम आये हैं।

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