बरेली: जनवरी में प्रयोगात्मक परीक्षा पर लैब में लटके ताले

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Edited By Amrit Vichar
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ऐसे में छात्र-छात्राएं परीक्षक के सामने कैसे कर पाएंगे लैब में प्रैक्टिकल

बरेली, अमृत विचार। यूपी बोर्ड परीक्षा 2023-24 की प्रयोगात्मक परीक्षाएं जनवरी में होनी हैं, लेकिन कॉलेजों की लैब में अब तक कोई हलचल नजर नहीं आ रही है। बुधवार को कई कॉलेजों में लैब का हाल जाना तो कहीं ताले लटके मिले तो कहीं लैब में विद्यार्थी नहीं मिले। ऐसे में क्या छात्र-छात्राएं परीक्षक के सामने लैब में प्रैक्टिकल कैसे कर पाएंगे। कई छात्र ऐसे हैं, जिन्होंने लैब का मुंह तक नहीं देखा।

राजकीय इंटर कॉलेज में बुधवार दोपहर 12 बजे भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान की लैब में ताले लटके मिले। यहां उपकरण धूल फांक रहे हैं। 12 वीं के विद्यार्थी ने बताया कि केमिस्ट्री वाली मैम आठ दिनों से नहीं आई हैं। लैब न खुलने की बात पर वे कुछ नहीं बोले। स्कूल स्टाफ से पूछने पर पता लगा कि केमिस्ट्री की मैम मेडिकल लीव पर हैं, पूछा कि क्या विद्यालय में एक ही रसायन विज्ञान के शिक्षक हैं, इस पर चुप्पी साध ली। प्रधानाचार्य से बात करने पर उन्होंने माना कि प्रयोगशाला की स्थिति बहुत बेहतर नहीं है।

प्रयोगशाला में उपकरण पूरे, लेकिन नहीं मिले विद्यार्थी
एसवी इंटर कॉलेज में शिक्षकों की ओर से प्रयोगशाला दिखाई गई, जिसमें सभी उपकरण थे, लेकिन प्रैक्टिकल करने के लिए विद्यार्थी नहीं थे। शिक्षक ने बताया कि इंटरवल से पहले प्रैक्टिकल क्लास लग गई। कॉनिकल, मेजरिंग ग्लास, बैलेंस कप, ऑपरेटर टेस्टट्यूब, फेरस अमोनियम, सल्फेट कॉपर आदि केमिकल केमिस्ट्री लैब व भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला में वर्नियर कैलिपर्स, माइक्रोस्कोप समेत अन्य यंत्र मिले। प्रधानाचार्य डॉ. संदीप इंदवार ने बताया कि पाठ्यक्रम पूर्ण करा दिया गया है। अब बच्चों की लगातार विज्ञान प्रयोगशाला में प्रयोग कराए जा रहे हैं।

राजकीय इंटर कॉलेज : तैयारी अभी आधी अधूरी
लैब में हम लोग एक ही बार गए हैं, अब कुछ दिन बाद प्री-बोर्ड शुरू हो जाएंगे। फिर प्रैक्टिकल हैं, इससे बड़ी मुश्किल हो रही है-आहिद

शुरुआत में लैब में कुछ प्रयोग कराए गए थे, अब लिखित तैयारी के साथ प्रयोग के लिए भी अलग से मेहनत कर रहे हैं। -कृष्ण मौर्य

अभी तक लैब में प्रैक्टिकल नहीं किए हैं, अब प्रैक्टिकल में करेंगे क्या, ये समझ नहीं आ रहा है। हालांकि अब स्कूल में प्रयोग शुरू कराए गए हैं। -राम मोहन

स्कूल में बच्चों ने प्रैक्टिकल तो दूर की बात, लैब देखी ही नहीं है, अभी तो पाठ्यक्रम ही पूर्ण करवाया जा रहा है। -गौरव

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