बरेली: रद्द होंगे सभी टेंडर मगर फर्म को ब्लैकलिस्ट करने पर मारी पलटी
पीडब्ल्यूडी के फर्जी बिड कैपेसिटी मामले में को अब माना मानवीय चूक
बरेली, अमृत विचार। अपना सालाना टर्नओवर दस गुना दिखाकर सड़कों की टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाली फर्म के सभी टेंडर निरस्त किए जाएंगे। हालांकि, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की घोषणा से अफसर पलटी मार गए हैं। इसके लिए मानवीय चूक और ठेकेदार के गलती स्वीकार कर लेने का तर्क दिया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। वहां से जैसा आदेश मिलेगा, वैसी ही कार्रवाई की जाएगी।
पिछले सप्ताह पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड एक ने सड़कों की विशेष मरम्मत के लिए कई टेंडर मांगे थे। एमबी कंस्ट्रक्शन ने बिड कैपेसिटी में सालाना टर्नओवर 83.3 लाख की जगह 833 लाख अपलोड करने के साथ ही 18 टेंडर डाल दिए थे। प्रहरी पोर्टल पर एक ही फर्म के 18 टेंडर देखकर दूसरे ठेकदारों ने विरोध किया तो एसई अभिनेश कुमार ने एक्सईएन राजीव अग्रवाल और फर्म के प्रोपराइटर वकील अहमद को तलब किया। एसई ने बताया कि शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। फर्म के सभी टेंडर भी निरस्त किए जा रहे हैं।
बाबू की चूक बता रहे हैं अफसर पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं
तय प्रक्रिया के मुताबिक प्रहरी पोर्टल पर सालाना टर्नओवर ठेकेदार अपलोड करता है। बाद में एक्सईएन के डोंगल से उनका बाबू टर्नओवर से जुड़े दस्तावेज देखने के साथ स्वीकृति देता है। इस मामले में ठेकेदार के दस गुना टर्नओवर अपलोड करने के बाद एक्सईएन ने भी इसे पास कर दिया। टेंडर खुलने से 72 घंटे पहले टेक्निकल बिड खुली तो दूसरे ठेकेदारों ने प्रहरी एप पर यह खेल पकड़ लिया। अफसर अब विभागीय बाबू पर शक तो जता रहे हैं, लेकिन कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं।
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