SGPGI के 40वें स्थापना दिवस पर बोले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक- परिसर से कोई मरीज बिना इलाज न लौटे

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एसजीपीजीआई के डॉक्टरों से एक प्रण लेने को कहा है। जिससे एसजीपीजीआई परिसर में आए हुए मरीजों को बिना इलाज न लौटना पड़े।

ब्रजेश पाठक ने यह भी स्वीकार किया कि एसजीपीजीआई का नाम पूरी दुनिया में है। यहां इलाज के लिए दूसरे देशों से भी लोग पहुंचते हैं। कई उपलब्धियां एसजीपीजीआई के नाम पर है, लेकिन इन सब के बीच जब मरीज को बेड की कमी बता कर लौटा दिया जाता है। तब जवाब मुझे देना पड़ता है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है। यहां पर मरीज को भगवान समझना होगा। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने यह बातें गुरुवार शाम एसजीपीजीआई में आयोजित 40वें स्थापना दिवस के अवसर पर कहीं। बता दें कि कार्यक्रम में ब्रजेश पाठक बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।

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दरअसल आज के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंचे जन स्वास्थ्य सहयोग के संस्थापक सदस्य डॉ रमन कटारिया के अभिभाषण को सुनने के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एसजीपीजीआई के डॉक्टरो को मरीज को किसी भी हालत में इलाज मुहैया करने की अपील की है। ब्रजेश पाठक ने जन स्वास्थ्य सहयोग के संस्थापक सदस्य डॉक्टर रमन कटारिया के कार्यों का वर्णन करते हुए कहा कि हमें उनसे सीख लेनी चाहिए।

इस अवसर पर उन्होंने एक चिकित्सक की जिम्मेदारी को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा कि बेड ना होने की बात कह कर आप मरीज को वापस ना भेजें बल्कि उसके इलाज की व्यवस्था करें। उन्होंने यह भी कहा कि कोई पढ़ा लिखा हो या फिर बिना पढ़ा लिखा या फिर कोई अमीर अथवा गरीब, इस दुनिया में सभी को एक ही तरह से आना और जाना है। ऐसे में मानवता की सेवा को सर्वोपरि रखना चाहिए।

डिप्टी सीएम ने कहा कि एसजीपीजीआई को भारत का नंबर वन संस्थान बनाने के लिए हम सभी को मिलकर कोशिश करनी होगी। इसमें सरकार हर कदम पर आपके साथ है। स्थापना दिवस के अवसर पर एसजीपीजीआई के निदेशक डॉक्टर आरके धीमन ने संस्थान की उपलब्धियां गिनाई।

स्थापना दिवस के अवसर पर एसजीपीजीआई के निदेशक डॉक्टर आरके धीमन ने संस्थान की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि संस्थान का 40 वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है, इन 40 सालों में हमारे संस्थान ने बहुत प्रगति की है। जब से मैंने एसजीपीजीआई में निदेशक का पद संभाला है तब से संस्थान ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कई तरह की सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। हम लगातार प्रगति की ओर अग्रसर हैं।

इस दौरान उन्होंने कहा किसी भी संस्थान को वहां की टीचिंग ट्रेंनिंग,पेशेंट केयर और रिसर्च के आधार पर उसकी गुणवत्ता निर्धारित होती है। रिसर्च से लेकर पेशेंट केयर तक के मामले में एसजीपीजीआई लगातार गुणवत्तापूर्ण प्रदर्शन कर रहा है। लगातार बेड की संख्या बढ़ाई जा रही हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि जब मैं यहां पर आया था तो 1609 बेड थे,लेकिन आने वाले समय में 3100 बेड हो जाएंगे।

इस अवसर पर जन स्वास्थ्य सहयोग के संस्थापक डा. रमन कटारिया ने कहा कि इलाज का खर्च कम करने के उपाय बताये। उन्होंने कहा कि मरीज का अस्पताल में स्टे कम हो इस पर काम करने की जरूरत है। मरीज को एक ही दिन में परामर्श दिया जाये साथ ही  सारी जांच कराई जाये। जिससे अगले दिन मरीज को देख कर दवा दी जाये। जेनेरिक दवाओं का इस्तेमाल कर दवा की कीमत कम की जा सकती है।

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