कानपुर: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अटल घाट पर गंगा में छोड़ी गईं एक लाख मछलियां
विधानसभा अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री मत्स्य ने गंगा में प्रवाहित की मछलियां
कानपुर, अमृत विचार। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मत्स्य पालन मंत्री डा. संजय निषाद ने गंगा बैराज स्थित अटल घाट पर एक लाख मत्स्य बीजों को गंगा में प्रवाहित किया। इसके बाद मत्स्य पालन मंत्री ने मौजूद मछुआरों को विभाग से संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए लाभ प्राप्त करने की बात कही।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस मौके पर मौजूद जन समुदाय से मां गंगा की अविरलता व स्वच्छता बनाए रखने को कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से हर साल मां गंगा की अविरलता व स्वच्छता बनाए रखने के लिए मत्स्य अंगुलिका संचय कार्यक्रम मत्स्य विभाग की ओर से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय मूल की मत्स्य संपदा का संरक्षण, जलीय पर्यावरण संतुलन व नदियों की निर्मलता बढ़ाने और मछुवारा समाज का आर्थिक उत्थान ही इसका प्रमुख उद्देय है। कैबिनेट मत्स्य पालन मंत्री ने मछुआ परिवारों के हित में संचालित दुर्घटना बीमा योजना, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मछुआ कल्याण कोष से संचालित मछुआ आवास योजना, दैवी आपदा, चिकित्सा सहायता, निषादराज बोट योजना व मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड योजना की जानकारी दी।
पात्र व्यक्तियों को जागरुक करते हुए अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने को कहा। इस मौके पर विधायक कल्यानपुर नीलिमा कटियार, नमामि गंगे के संयोजक अनिल सिंह, सहसंयोजक राघवेंद्र सिंह, गंगा विचार मंच सहित मुख्य विकास अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य एनके अग्रवाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पानी साफ करेंगी मछलियां
सहायक निदेशक मत्स्य एनके अग्रवाल ने बताया तीन प्रकार की मछलियां गंगा में छोड़ी गईं हैं। जिसमें कतला, रोहू, नैन हैं। यह मछलियां पानी में तीन पर्त में चलती हैं। सबसे ऊपर कतला, उसके नीचे रोहू, सबसे नीचे नैन होती है। यह मछलियां पानी शुद्ध करती हैं। इनसे ऑक्सीजन की मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है। बीते साल गंगा में दो बार में दो लाख मछलियां छोड़ी गईं थीं। इस साल पहली बार में एक लाख मछलियां प्रवाहित की गई हैं। ये सभी मछलियां राष्ट्रीय मत्स्य अनुवांशिक संसाधन लखनऊ से आईं हैं।
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