बरेली: हजारों गलत बिजली बिल बनाने पर भी कंपनी के खाते से नहीं की पैसे की कटौती
कंपनी और विभाग के अनुबंध में इसका साफ जिक्र, फिर भी अफसर मेहरबान
बरेली, अमृत विचार। हजारों गलत बिजली बिल बनाने के बाद भी कंपनी पर विभाग के अफसर मेहरबान हैं। कार्रवाई करने की बजाय उसे बचाने में जुटे हैं। अनुबंध के अनुसार मनमर्जी और बिना रीडिंग के गलत बिल बनाने पर कंपनी के खाते से पैसे की कटौती के निर्देश हैं, मगर अधिकारियों ने कंपनी के खाते से एक पैसा नहीं काटा है। गलत बिल बनाने के आरोप में संविदा पर रखे 12 मीटर रीडरों को जरूर काम से निकाल दिया है।
पिछले दिनों ग्रामीण क्षेत्र के चारों डिवीजन में एक हजार से अधिक गलत बिल बनाने का मामला सामने आया था।
इसपर अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार चौरसिया ने कंपनी को नोटिस देकर गलत बिल बनाने वाले मीटर रीडरों को काम से निकाल दिया था, लेकिन कंपनी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। सूत्रों के अनुसार कंपनी और विभाग के बीच हुए अनुबंध में कहा गया है कि अगर बिना रीडिंग के गलत बिल बनाने का मामला सामने आया तो कंपनी के खाते से प्रति गलत बिल के हिसाब से 200 रुपये की कटौती की जाएगी, लेकिन अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया है। वहीं, उपभोक्ता गलत बिल ठीक कराने के लिए अफसर और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
बिलिंग करने वाली कंपनी का भुगतान मुख्यालय स्तर से किया जाता है। अनुबंध में गलत बिल पर पैसे काटने की बात है तो यह मेरे संज्ञान में नहीं है- अशोक कुमार चौरसिया, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण।
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