गंगा-जमुनी तहजीब की विरासत थे सलाम जाफरी: डॉ. कमर
अयोध्या। दिवंगत शायर सलाम जाफरी को रविवार को एक होटल में अमन कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। अदब की दुनिया से ताल्लुक रखने वाले वक्ताओं ने उन्हें एक अजीम शख्सियत बताया। अध्यक्षता करते हुए अमन कमेटी के शायर डॉ. क़मर माहिर ने कहा कि सलाम जाफरी गंगा-जमुनी तहज़ीब की विरासतों में से एक था।
वह एक अजीम शख्सियत ही नहीं संवेदनशील शायर भी थे। मुफ्ती बादशाह खान, मुस्लिम लीग के डॉ. नजमुल हसन गनी, अशफ़ाक उल्ला खां शहीद शोध संस्थान के निदेशक सूर्यकांत पांडेय, पूर्व मंत्री पवन पाण्डेय, साकेत कालेज के डॉ. अनिल सिंह और डाॅ. बुशरा खातून ने कहा कि सदियों तक उन्हें याद रखा जाएगा।
कमेटी के नायब सदर मो. इसहाक खान ने कहा कि सलाम जाफरी के छूटे हुए कामों को पूरा किया जाएगा। दिवंगत के पुत्र खान मुकरम्म को सभी ने ढांढस बंधाया। मुजम्मिल फिदा ने दिवंगत शायर की दो गजलों के शेर सुनाए। इरफानुल हक़, मो. जफर इक़बाल, जियाउद्दीन, कासिम अंसारी, सहाफी डाॅ तारिक , डा. उर्फी, इल्तेफात माहिर, मौलाना शफीक, जुनैद राइन, सत्यभान सिंह जनवादी, नज़ीर खान समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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