एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा के बहनोई की जमानत अर्जी खारिज
लखनऊ, अमृत विचार। कुटरचित दस्तावेजों के जरिए फर्जी बैंक खाता खोलकर पद्म श्री एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा के ट्रस्ट से लाखों की रकम हड़पने के मामले में निरुद्ध मुल्जिम ओम प्रकाश त्रिपाठी की जमानत अर्जी सत्र अदालत ने खारिज कर दी है। ओम प्रकाश त्रिपाठी अरुणिमा सिन्हा की बहन का पति है। विशेष अपर सत्र …
लखनऊ, अमृत विचार। कुटरचित दस्तावेजों के जरिए फर्जी बैंक खाता खोलकर पद्म श्री एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा के ट्रस्ट से लाखों की रकम हड़पने के मामले में निरुद्ध मुल्जिम ओम प्रकाश त्रिपाठी की जमानत अर्जी सत्र अदालत ने खारिज कर दी है।
ओम प्रकाश त्रिपाठी अरुणिमा सिन्हा की बहन का पति है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश मीना श्रीवास्तव ने प्रथम दृष्टया मुल्जिम के अपराध को गंभीर करार दिया है। थाना सरोजनीनगर से संबधित इस मामले की एफआईआर अरुणिमा सिन्हा ने ही दर्ज कराई थी। सरकारी वकील एमके सिंह के मुताबिक अरुणिमा फाउण्डेशन ट्रस्ट दिव्यांग बच्चों के सम्मानित विकास व समाजोपयोगी कार्यो का संचालन करता है।
उन्होंने अपनी बहन लक्ष्मी सिन्हा के पति ओम प्रकाश त्रिपाठी को इस ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया था। जब ट्रस्ट में धन का आगमन होने लगा, तो अपनी निजी आवश्यक्ताओं के लिए अभियुक्त व अन्य नामजद आरोपी भी बतौर कर्ज पैसे लिए लेकिन वापस नहीं किए।
जिसके बाद अरुणिमा सिन्हा ने ट्रस्ट के एक मात्र बैंक खाते के संचालन पर रोक लगा दी। साथ ही मुल्जिमों को फाउण्डेशन के कार्यो में हस्तक्षेप करने से भी रोक दिया। लेकिन उनके लखनऊ से बाहर रहने के दौरान ओम प्रकाश त्रिपाठी व इस मामले के अन्य मुल्जिमों ने कुटरचित दस्तावेजों व उनके फर्जी हस्ताक्षर के जरिए ट्रस्ट के नाम से एचएडीएफसी बैंक में एक खाता खोला और सारा पैसा गबन कर लिया।
