अयोध्या: श्री राम चिकित्सालय में बनेगा क्रिटिकल केयर अस्पताल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने दिया निर्देश
निरीक्षण में जिला अस्तपाल में मिली कई खामियां
अयोध्या। राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से पहले जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा रविवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने अयोध्या धाम स्थित श्रीराम चिकित्सालय और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। सुबह 11 बजे के करीब श्रीराम चिकित्सालय पहुंचे प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने परिसर का भ्रमण करने के बाद उसमें पीछे खाली पड़े भवन में 100 बेड का क्रिटिकल केयर अस्पताल बनाने का निर्देश दिया। इसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे।
जिला अस्पताल का प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने तकरीबन 80 मिनट तक निरीक्षण किया। उन्होंने 10 बार तल्ख तेवर दिखाए और चिकित्साधिकारियों से जवाब-तलब भी किया। अस्पताल के चार सर्जन चिकित्सकों की रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर प्रमुख सचिव नाराज हो गए। बुलाया तो सब गायब दिखे। इसके बाद उन्होंने चारों चिकित्सक डेंटल सर्जन डॉ. अमित सिंह, आर्थो सर्जन डॉ. सत्येंद्र वर्मा, ईएनटी सर्जन डॉ. सौम्या तिवारी व डॉ. एके कुशवाहा को सीएमएस ऑफिस में 15 मिनट के अंदर रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत होने का निर्देश दिया।
दोपहर में करीब 12:30 बजे पार्थ सारथी के साथ अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. पवन कुमार अरुण व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय जैन भी मौजूद रहे। इमरजेंसी में पहुंचकर वहां का हाल जाना। आयुष्मान वार्ड में मौजूद मरीजों से बातचीत की। बच्चा वार्ड की स्थिति देखने के बाद सीटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया। वहां स्टाफ से पूछा की रात में जांच की सुविधा है तो कर्मी ने बताया लगातार जांच चल रही है। रजिस्टर चेक किया तो पोल पट्टी खुल गई।
पता चला कि पिछले ढाई महीने से रात के समय एक भी सीटी स्कैन नहीं हुआ था। उन्होंने सीएमएस डॉ.बृज कुमार से कहा कि यह सुनिश्चित कराएं की रात में मरीजों का सीटी स्कैन जिला अस्पताल में ही हो। परिसर में कंडम पड़े बेड व अन्य वस्तुओं को नीलाम कराने के लिए भी कहा है।
सीएमएस ऑफिस में मीटिंग करने के बाद निकले प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि मैंने दोनों अस्पतालों का निरीक्षण किया है। रोगी कल्याण समिति के फंड से मरीजों की सुिवधाओं को बढ़ाने का निर्देश दिया है। जिला अस्पताल में 10 बेड के प्राइवेट वार्ड को भी शुरू कराया जाएगा। आयुष्मान योजना से जुड़े मरीज आने लगे हैं। क्लेम कैसे करना है। यह बता दिया गया है। रात में सीटी स्कैन मशीन से जांच बराबर कराने के निर्देश दिए हैं।
दवाओं की उपलब्धता बताओ नहीं तो सस्पेंड कर दूंगा
जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने सीएमएस से दवाओं का ब्योरा भी मांगा। इसके बाद उन्होंने देखा कि ओपीडी के पास लगे दवाओं के बोर्ड पर उपलब्धता की कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने तत्काल चीफ फार्मासिस्ट बीएन आर्या को बुलाया और जवाब तलब किया। बीएन आर्या कुछ भी जवाब नहीं दे पा रहे थे। उन्होंने फटकार लगाते हुए सस्पेंड करने की बात कह दी। प्रमुख सचिव ने अपने सामने दवाओं के बोर्ड पर उपलब्धता की जानकारी देने के लिए हां या न में लिखने को कहा।
किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई
जिला अस्तपाल में सबसे कम सर्जरी करने वाले चार डॉक्टरों को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने तलब किया था। सीएमएस ऑफिस में चली आधे घंटे की मीटिंग के बाद पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि कुछ विशेषज्ञों के पास अधिक और कुछ के पास कम जिम्मेदारी है। सबको जिम्मेदािरयां दी जाएंगी। चारों डॉक्टरों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
श्रीराम चिकित्सालय में बोले, 31 को फिर आऊंगा
अयोध्या के श्रीराम चिकित्सालय में पहुंचे प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बड़ी ही बारीकी से परिसर का निरीक्षण किया। तकरीबन एक घंटे तक अस्पताल में उनके साथ मंडलायुक्त गौरव दयाल, एडी हेल्थ व सीएमओ भी मौजूद रहे। उन्होंने सीएमएस से अस्पताल में चल रही पेंटिंग को जल्दी से पूरा कराने और कबाड़ को हटवाने का निर्देश दिया।
अस्पताल के प्रशासिनक अधिकारी वाईपी सिंह ने बताया कि अस्पताल के पीछे बने निष्प्रयोज्य भवन को गिराने के लिए कहा है, ताकि वहां पर 100 बेड का क्रिटिकल केयर अस्पताल बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव ने चिकित्सकों के साथ बैठक भी की और उनसे मरीजों को सहूलियत व बेहतर इलाज देने के लिए कहा है।
इसके बाद वार्डों में जाकर मरीजों से बातचीत की और मिल रही स्वास्थ्य सुिवधाओं की जानकारी ली। सब कुछ ठीक-ठाक मिलने के बाद सीएमएस डॉ. राकेश शर्मा की प्रशंसा भी की और कहा िक सारे काम समय पर निपटा लीजिए। मैं 31 दिसंबर को फिर आऊंगा।
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