मेरे कामों की परीक्षा है विकसित भारत संकल्प यात्रा: पीएम मोदी
वाराणसी। विकसित भारत संकल्प यात्रा मेरे कामों की परीक्षा है। सरकार की ओर से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक हमें लाभार्थियों के जरिए मिल रहा है, इससे संतोष तो मिलता ही है, साथ ही आत्मविश्वास भी बढ़ता है। विकसित भारत संकल्प यात्रा भारत को 2047 में विकसित राष्ट्र बनाने का बीज है, जो अगले 25 साल में वटवृक्ष बनकर तैयार हो जाएगा।
भारत विकसित हो जाएगा तो तमाम मुसीबतों का नामो निशान नहीं होगा। हम मुसीबतों से मुक्त हो जाएंगे। ये बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को यहां कटिंग मेमोरियल ग्राउंड में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा (शहरी क्षेत्र) के दौरान कही। उन्होंने काशीवासियों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि मैं आपके सेवक के नाते तो कार्य करूंगा ही, मगर आपने जो देश का काम दिया है उसमें भी महादेव के आशीर्वाद से कभी पीछे नहीं रहूंगा।
विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां के सांसद के नाते मेरा भी दायित्व बनता है कि मुझे भी इस कार्यक्रम में आपके सेवक के रूप में आपकी हिस्सा लेना चाहिए। हमारे देश में सरकारें बहुत आई, योजनाएं भी बहुत बनीं, बातें भी बड़ी-बड़ी हुईं। मगर सोचने वाली बात यह है सरकार जो योजना बनाती है, जिसके लिए बनाती है और जिस लक्ष्य के लिए बनाती है क्या वो बिना किसी परेशानी के सही समय पर लाभार्थियों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए जनता को सरकार के नहीं बल्कि सरकार को जनता के पास पहुंचना होगा। इसी संकल्प के साथ विकसित भारत संकल्प यात्रा पूरे देश में चलाई जा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के जरिए हमने तय किया कि सरकार लाभार्थियों से जाकर मिलेगी और उनसे उनके अनुभव पूछेगी। इससे हमारे कामों का हिसाब-किताब भी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ये संकल्प यात्रा एक प्रकार से मेरी कसौटी और परीक्षा भी है कि मैंने जो कहा और जो कार्य कर रहा हूं, उसके बारे में जनता क्या कह रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्हें योजनाओं के लाभार्थियों से आशीर्वाद तो मिलता है ही, मगर सरकारी अफसरों का भी आत्मबल बढ़ता है। सरकारी कागजों पर दस्तखत करके योजनाएं लागू करना सरकारी काम होता है मगर जब उस योजना से किसी गरीब को फायदा मिलता है तो अफसर को भी आत्मसंतोष मिलता है। कागज पर काम सरकारी काम है मगर उसके फीडबैक से सरकारी अफसरों को अपने काम का संतोष होने लगा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर 140 करोड़ देशवासी इस संकल्प से भर जाएं कि अब देश को आगे ले जाना है, हर एक की जिंदगी बदलनी है। तो अगले 25 साल में देश विकसित भारत बनके रहेगा। हम आज जो बीज बो रहे हैं, वो अगले 25 साल में वटवृक्ष बन जाएगा। देश विकसित भारत बन जाएगा। इस वट वृक्ष की छाया आपके ही बच्चों को मिलेगी। इसके लिए संकल्प लेना होगा, मन बनाना होगा। मन बन जाएगा तो मंजिल दूर नहीं। विकसित भारत संकल्प यात्रा हम सबका बहुत बड़ा संकल्प है, जिसे हमें सिद्ध करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालू सहित तमाम गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में योजनाओं के लाभार्थी मौजूद रहे।
बता दें कि पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर रविवार को वाराणसी पहुंचे हैं। यहां सबसे पहले लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके उपरांत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कटिंग मेमोरियल ग्राउंड के लिए रवाना हुआ। एयरपोर्ट और कटिंग मेमोरियल के बीच पूरे रास्ते में प्रधानमंत्री का पुष्पवर्षा करके भव्य स्वागत किया गया। वहीं मोदी-योगी जिंदाबाद के नारे गूंजते हुए। वहीं गिलट बाजार के समीप प्रधानमंत्री ने अपने काफिले को साइड कराके एंबुलेंस को भी रास्ता दिया।
इसके उपरांत प्रधानमंत्री मोदी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नदेसर स्थित कटिंग मेमोरियल ग्राउंड में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा (शहरी क्षेत्र) कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां लगाये गये विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल पर जाकर उनका अवलोकन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, पीएम स्वनिधि योजना, मुद्रा योजना आदि के स्टॉल पर जाकर लाभार्थियों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने लाभार्थियों से योजनाओं के बारे में फीडबैक भी लिया। इस दौरान उन्होंने छोटे स्कूली बच्चों से भी संवाद किया। वहीं स्मार्ट सिटी के तहत कराए जा रहे कार्यों के बारे में भी प्रधानमंत्री ने जानकारी ली। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों को 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के लिए शपथ भी दिलाई।
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