रायबरेली : करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने का आरोप, इन पर उठे सवाल
रायबरेली, अमृत विचार। मुरारमऊ ग्राम पंचायत में प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां अंबिका देवी मंदिर के पास सतवाखेड़ा-भगवंतनगर मार्ग के किनारे करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीनों पर ग्राम प्रधान पति व लेखपाल की साठगांठ से अवैध अवैध कब्जा करने का सिलसिला लगातार जारी है। अब तक लगभग आधा दर्जन लोगों ने पक्का निर्माण करा लिया है जबकि जिम्मेदार मौन है।
उल्लेखनीय है कि सतवाखेड़ा - भगवंतनगर मार्ग सरेनी, लालगंज, भगवंत नगर व रसूलपुर मंडियों को आपस में जोड़ता है। इसी मार्ग में सैकड़ों वर्ष पुराना मां अंबिका देवी का मंदिर भी स्थित है। यहां सैकड़ों श्रद्धालु दर्शनार्थ रोजाना आते हैं। मंदिर के पास पहले हर साल बैशाख माह में विशाल मेला भी लगता था। मंदिर के पास सड़क के दोनों ओर बेशकीमती ग्राम पंचायत की जमीन है जिसे पिछले एक साल से ग्राम प्रधान पति व हल्का लेखपाल मिलकर बेचने में लगे हैं। विरोध करने वाले शख्स का मुंह भी क्रेता मोटी रकम देकर बंद कर देते हैं। कछियाना मजरे मुरारमऊ के गोजई काछी ने खंभों के ऊपर ही छत खड़ी कर पक्का निर्माण करा लिया है। इनके सामने भी सैकड़ों फीट जमीन खाली पड़ी है। इरादा धीरे -धीरे सब पर कब्जा जमा लेने का है।
सूत्र बताते हैं कि इस भूखंड पर कब्जा कराने के लिए लाखों के वारे न्यारे किए गए हैं। इसी तरह रसूलपुर से देवता व मनोज के भूखंडों में भी स्लेप पड़ चुकी है। अन्य कई अवैध कब्जेदार भी मौके का फायदा उठाने से नहीं हिचक रहे हैं। सरेनी रजबहे की सिंचाई हेतु खेतों तक बनाई गई नाली पर भी भू माफियाओं का कब्जा करने का सिलसिला लगातार जारी है। ग्राम प्रधान व लेखपाल खुले आम धमकी दे रहे हैं। प्रधान पति तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि पैसा जब ऊपर तक जा रहा है तो शिकायत करने वालों को मुंह की खानी पड़ेगी। जबकि दूसरी ओर ग्राम समाज की कीमती भूमि पर कब्जों को लेकर ग्रामीणों व श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है।
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