उन्नाव: आग से झुलसे किसान ने सात दिन बाद तोड़ा दम, परिजनों ने 10 लोगों पर हत्या की दर्ज कराई थी रिपोर्ट
उन्नाव, अमृत विचार। उन्नाव के सोहरामऊ थानाक्षेत्र के हसनापुर गांव में जमीन छिनने से आहत किसान का विपक्षियों विवाद हुआ था। इसके बाद वह संदिग्ध हालातों में आग से झुलस गया था। परिजनों के हंगामे के बाद 10 लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। वहीं किसान का लखनऊ के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बता दें कि हसनापुर निवासी वीरेंद्र सिंह (55) पुत्र कंधई का अपने चचेरे भाई सूर्य कुमार सिंह से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बीते कई वर्षों से दीवानी में इसका मुकदमा भी चल रहा था। मामले में एसडीएम हसनगंज ने टीम बनाकर जांच कराई थी। इसके बाद हदबरारी हुई थी। गठित टीम के अनुसार आठ बिसुवा जमीन वीरेंद्र के खेत से सूर्य कुमार को दी गई। राजस्व टीम में नायब तहसीलदार पूर्णिमा तिवारी, लेखपाल घनश्याम पांडेय, सुनील सिंह व सोहरामऊ पुलिस द्वारा मेड़ बंदी कराई गई थी। कब्जा मुक्त की गई जमीन में वीरेंद्र की दो दुकानें बनी थीं।
बीती 12 दिसंबर को वह दुकान खोलने गया तो विपक्षी सूर्यकुमार से विवाद हो गया। चर्चा रही कि वीरेंद्र ने ज्वलनशील पदार्थ डाल खुद को आग लगा ली थी। लेकिन परिजनों ने सूर्य कुमार सहित 10 पर पेट्रोल डालकर उसे आग लगाने का आरोप लगाया था। हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज की और झुलसे वीरेंद्र को जिला अस्पताल फिर वहां से लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था।
सात दिन संघर्ष के बाद सोमवार को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। एसओ सोहरामऊ कमल किशोर दुबे ने बताया कि किसान की इलाज के दौरान मौत हो गई है। उसके शव का पोस्टमार्टम लखनऊ में होगा। वहीं चर्चा है कि पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया है। लेकिन पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही।
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