बरेली: भवन की डिजाइन ही नहीं मिली तो कैसे बने वृद्धाश्रम
नगर आयुक्त ने जोन-तीन में बन रहे वृद्धाश्रम का किया निरीक्षण तो चला पता
बरेली, अमृत विचार। शहर में नगर निगम के कई विकास कार्याें को मंजूरी मिल गई है लेकिन इनमें कोई न कोई रुकावट आ रही है। जोन-तीन कार्यालय परिसर में बनने वाले वृद्धाश्रम का काम भवन की डिजाइन न मिलने की वजह से रुका हुआ है। सोमवार को नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स के निरीक्षण के दौरान इसका पता चला। यहां ठेकेदार ने नींव की खुदाई कर दी है। वहीं प्रेम नगर जोनल कार्यालय में निरीक्षण में भी कमी मिली। उन्होंने निर्माण कार्य में अफसरों की निष्क्रियता पर नाराजगी जाहिर की है।
नगर निगम 15वें वित्त मद में सुरेश शर्मा नगर जोन- 3 कार्यालय परिसर में वृद्धाश्रम और कार्यालय के ऊपर एक भवन का निर्माण करा रहा है। कई दिन पहले इस कार्य की मंजूरी हो चुकी है। नगर आयुक्त को पता चला कि कई काम मंजूर होने के बाद भी ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं। इसका कारण जानने को वह सोमवार दोपहर में जोन-3 कार्यालय पहुंची। वहां उन्होंने देखा कि वृद्धाश्रम के लिए नींव की खुदाई हो चुकी है लेकिन काम रुका है। ठेकेदारों ने उन्हें बताया कि मजदूरों के नहीं आने से काम रोक दिया गया है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त कर ठेकेदार को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिये। इसके बाद उन्होंने प्रेम नगर स्थित जोन-4 कार्यालय के पीछे निगम काॅलोनी में बन रहे सीनियर सिटीजन केयर सेंटर के निर्माण कार्य की स्थिति देखी तो यहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। इस सेंटर में वृद्धजनों का मेडिकल चेकअप और उनके पढ़ने के लिए मैगजीन और मनोरंजन के लिए अन्य साधन यहां मुहैया कराए जाएंगे।
आर्किटेक्ट ने बिल दिया नहीं तो भुगतान कैसे देते
निर्माण कार्य शुरु नहीं होने या रुकने का कारण जानने के लिए नगर आयुक्त ने इंजीनियरिंग विभाग के अफसरों से वार्ता की तो पता चला है कि कई प्रोजेक्टों की ड्राइंग ही ठेकेदारों को नहीं दी गई है। ड्राइंग बनाने वाले की जानकारी की तो पता चला कि निगम के सभी प्रोजेक्टों की ड्राइंग व डिजाइन की जिम्मेदारी एक ही आर्किटेक्ट के पास है। निगम के पैनल में वही अकेले आर्किटैक्ट हैं जिनकी वजह से ड्राइंग मिलने में देरी हो रही है। आर्किटेक्ट से भी नगर आयुक्त की वार्ता हुई तो पता चला कि उसके बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। इसके लिए जिम्मेदार निर्माण विभाग के अफसरों से बात की तो पता चला कि आर्किटेक्ट ने बिल दिया नहीं इसलिए भुगतान की फाइल आगे नहीं बढ़ी है। निगम के पैनल में एक और आर्किटेक्ट को शामिल करने की बात चल रही है।
जोन-3 और जोन -4 में निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तो वहां निर्माण बंद होने की कुछ वजह सामने आई हैं। भवन की डिजाइन ठेकेदार को नहीं मिलने की बात सामने आई है। काम शुरू नहीं करने वाले ठेकेदार को चेतावनी दी है- निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त।
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