बरेली: छात्र को गोली मारने वाला गिरफ्तार, फोन पर पिता से कहा था मार दी गोली
आरोपी पक्ष के परिजन फरार, भूख से तड़प रहे पशु
बरेली/भमोरा, अमृत विचार। भमोरा क्षेत्र के गांव घिलौरा निवासी सूर्यांश की गोली मार कर हत्या करने के बाद आरोपी रुद्र प्रताप उर्फ देव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य आरोपी की पुलिस तलाश रही है। देव ने अपने पिता को फोन कर कहा था कि गोली मार दी है। सोमवार दोपहर गमगीन माहौल में छात्र का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव में भारी पुलिस तैनात रही। अन्य आरोपियों परिजन भी घर से फरार हैं, जिससे घर में बंधे पशु भूख से तड़प रहे हैं।
रविवार दोपहर बड़े भाई नितिन के साथ बल्लिया सामान खरीदने गए 10वीं के छात्र सूर्यांश की गांव निवासी रुद्र प्रताप उर्फ देव ने अपने साथी नीरज के साथ मिलकर गोली मार दी थी। सूर्यांश की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। सोमवार दोपहर उसका शव गांव पहुंचा तो पूरे गांव में मातम छा गया। पिता ओमवीर ने बेटे सूर्यांश को पुलिस कि मौजूदगी में मुखाग्नि दी। वहीं बिथरी विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
चुनाव में पड़ी दरार, बुआ की जमीन ने घी डालने का किया काम
साल 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में दो ठाकुर प्रत्याशी आमने-सामने थे। जिसमें कुंवर सर्वराज सिंह जेडीयू से और राजवीर सिंह सपा से प्रत्याशी थे। राजवीर सिंह को गांव घिलौरा निवासी सूर्ययांश के ताऊ राजवीर सिंह लड़ा रहे थे, वहीं कुंवर स्वराज को वीरपाल सिंह लड़ा रहे थे। मतदान के दिन दोनों लोगों में कुछ कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद राजवीर ने वीरपाल के परिवार सतीश समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद रंजिश और बढ़ गई। इसके बाद हुए प्रधानी चुनाव में राजवीर सिंह दयाराम कश्यप को लड़ा रहे थे। सतीश सिंह गांव निवासी दिनेश शर्मा को लड़ा रहे थे, जिसमें दिनेश शर्मा की जीत हुई थी।
इसके बाद 2011 में लांगुरा गांव में दोनों पक्षों की चार पहिया गाड़ी आमने-सामने आने से पीछे न हटने को लेकर दोनों पक्षों में जमकर गोलियां चली थी। जिसमें वीरपाल ,राजवीर सिंह व रतन सिंह तीन लोग मारे गए थे, तब से मामला धीरे-धीरे शांत हो रहा था। इसी बीच नीरज के पिता ओमवीर ने अपनी बुआ की लगभग छह बीघा जमीन खरीदी थी। जिसका बैनामा नहीं कराया था। कुछ समय बाद राजवीर सिंह के भाई आछु बाबू ने वह जमीन सरदार नगर निवासी एक व्यक्ति को बिचवा दी, तब से ओमवीर के परिवार से रंजिश और बढ़ गई।
सात माह पूर्व भी हुआ था विवाद
नीरज और देव एक दूसरे के ज्यादा करीब आ गए। करीब सात माह पूर्व कलश यात्रा में नीरज और देव के साथ सूर्यांश और नितिन रामगंगा तट पर एक दूसरे से भिड़ गए थे। वहां से लौटने पर भागवत कथा स्थल पर चप्पल को लेकर भी दोनों पक्षों में कहा सुनी हुई थी। रविवार को देव घर से ट्यूबवेल पर जाने की बात कहकर निकला था। इसी बीच उसने गोली मारकर हत्या कर दी। मुख्य आरोपी के पिता सतीश सिंह और मां को भी पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। बचे आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा- मुकेश चन्द मिश्रा, एसपी देहात।
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