अमेठी: सरकार की घोषणाओं को भी नहीं मान रहे बिजली विभाग के कर्मचारी, किसान परेशान, जानिये क्या है मामला?
अमेठी। विकास खंड भेटुआ की बात की जाए तो किसानों को प्रदेश सरकार के राहत भरे वादे काम नहीं आ रहे है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि प्रदेश के किसानों को कृषि की सिंचाई के लिए निजी नलकुपो से सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त रहेगी अर्थात निजी नलकूपों का बिजली बिल माफ रहेगा। लेकिन इस घोषणा से क्षेत्र के किसानों को कोई लाभ नहीं मिला।
ये खबर समाचार पत्रों में बराबर प्रकाशित होती रही, इसका असर यह पड़ा की फिर से एक बार प्रदेश सरकार ने विधानसभा सत्र में किसानों के निजी नलकूप को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की तथा उन्होंने यह भी घोषणा की कि अप्रैल 2023 से समस्त निजी नलकूप चालकों का बिजली बिल मुफ्त रहेगा तथा ऐसे किसान जिन्होंने 2023 अप्रैल से बिजली का बिल जमा कर दिया है। उनका पैसा किसी न किसी माध्यम से वापस भी कराया जाएगा।
अब ऐसे में स्थिति यह आन पड़ी है कि जिले के बिजली के अधिकारी तथा कर्मचारी उनके मीटर रीडर निजी नलकूपों का बिल निकालते हैं, और बिल भरने की डिमांड करते हैं। किसानों के पास समस्याएं इस कदर हैं कि वह योगी सरकार के विधानसभा सत्र में हुई घोषणाओं को झूठ समझे अथवा बिजली विभाग के अधिकारियों की बात को झूठ समझे, ऐसे में किसान के पास बिल को भरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
इस दौरान हमारे संवाददाता विद्युत वितरण खंड भेटुआ के अवर अभियंता मोहम्मद सलीम से जब बात की तो उन्होंने यह बताया की भैया अभी तक मुझे हमारे सीनियर अधिकारियों से कोई आदेश या निर्देश इस संबंध में प्राप्त नहीं हुआ है। इसके बाद फिर हमारे संवाददाता ने जब जिले पर अधिशासी अभियंता रोहित सिंह से इसकी पुष्टि करना चाहा तो उन्होंने बताया कि शासन से अभी तक कोई भी प्रस्ताव या आदेश हम लोगों के पास नहीं आया है।
हां उन्होंने इतना जरूर कहा कि समाचार पत्रों में यह खबर प्रकाशित हुई थी। लेकिन हम लोग भी इस संबंध में कुछ कह नहीं सकते, जब तक सरकार का या विभाग का कोई स्पष्ट आदेश हम लोगों के पास नहीं आता है।
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