कासगंज: मेले में संतों की अनदेखी पर साधूओं में आक्रोश, व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
सोरोंजी, अमृत विचार। तीर्थ नगरी सोरों में देश भर के साधू-संतों का जमावाड़ा लग गया है, लेकिन यहां साधूओं के लिए विशेष इंतजाम नहीं किए गए है। इसको लेकर संतों में आक्रोश बना हुआ है। पालिका की ओर से कोई सुविधा न मिलने पर साधूओं ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्पष्ट किया है कि यदि व्यवस्थाएं दुरुस्त न हुई तो साधूओं की नाराजगी दूर नहीं होगी। मौके पर एसडीएम भी पहुंच गए और साधू संतों को बेहतर व्यवस्थाओं का भरोसा दिया है।
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देश के कौने कौने से साधू-संत मिनी अमृत कुंभ सोरों मेले में पहुंच गए है और भी तमाम संतों के पहुंचने का सिलसिला जारी है , लेकिन यहां अव्यवस्था बनी हुई है। तीर्थ नगरी में जिन आश्रमों में साधू-संत ठहर रहे हैं वहां प्रकाश की बेहतर व्यवस्था नहीं है। धुनि रमाकर साधू-संत अव्यवस्था के बीच समय गुजार रहे है।
अव्यवस्थाओं को लेकर साधूओं में काफी आक्रोश है और वे पालिका पर मनमानी कर आरोप लगा रहे है। अलग अलग अखाड़ों से पहुंचे साधू-संतों ने गुरुवार को बैठक की और फिर आक्रोश जताया। सूचना पर एसडीएम सदर संजीव कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने साधू-संतों से बातचीत की।
इन अखाड़ों से आए साधू
गनेश गिरि महाराज, जूना अखाड़ा और निरंजनी अखाड़ा, अटल अखाड़ा, आनंद अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा, पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा, वैष्णव चर्तुसंप्रदाय, खड़ग दर्शन संप्रदाय एवं नागालैंड अखाड़े के साधु शामिल हैं।
23 वर्ष पुरानी है परंपरा
करीब 23 वर्ष पूर्व सोरों के ब्रहमलीन नागा साधु महंत सेवागिरि ने पूरे भारतवर्ष के नागा साधुओं के अखाड़ों पर जाकर उन्हें एक मंच पर लाकर सोरों में हर वर्ष मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पर शाही जुलूस एवं शाही स्नान की परंपरा शुरू की थी। तभी से यह परंपरा लगातार जारी है। हर वर्ष मार्गशीर्ष पर नागा साधु एकत्रित होते हैं और हरिपदी में शाही स्नान करते हैं।
साधू-संतों ने अव्यवस्था की बात कही है। उनकी बात सुनी गई है। उन्हें हर संभव सुविधा मुहैया कराए जाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है--- संजीव कुमार, एसडीएम।
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