बरेली: डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का शुल्क कहीं 50 रुपये तो कहीं सौ

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नगर निगम के अफसरों की अनदेखी से शहरवासियों के साथ हो रही धांधली, शास्त्रीनगर और मुंशीनगर के लोगों ने नाजायज वसूली पर जताई आपत्ति

बरेली,अमृत विचार : डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में लोगों से अलग-अलग पैसा वसूल किया जा रहा है। नगर निगम के जोन- 2 और जोन- 4 के इलाकों में हर घर से 50 रुपये की वसूली हो रही है तो मुंशीनगर और शास्त्रीनगर जैसे कई इलाकों में यह शुल्क सौ रुपये कर दिया गया है। लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

नगर निगम के अफसरों ने कोई जांच या वसूली गई अतिरिक्त रकम का समायोजन करने के बजाय यह कहकर पल्ला झाड़ लिया है कि लोग एजेंसी को भुगतान करके रसीद जरूर लें।शास्त्रीनगर में बृहस्पतिवार को वरिष्ठ नागरिक कल्याण सोसाइटी की बैठक में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का मासिक शुल्क 50 रुपये से बढ़ाकर सौ रुपये कर देने पर विरोध जताया गया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सक्सेना ने कहा कि सौ रुपये का शुल्क ज्यादा है।

यह लोगों के साथ जोर-जबर्दस्ती है। मुंशीनगर में भी सौ रुपये की वसूली पर विरोध जताया गया है। एके वर्मा, महेंद्र कुमार, आकृति, पूर्णिमा समेत कई लोगों ने बताया कि पहले कूड़ा उठाने का शुल्क 50 रुपये था जिसे पहले 70 और फिर पिछले महीने से सौ रुपये कर दिया गया है। इतनी जल्दी शुल्क बढ़ाना आपत्तिजनक है।

यह है नियम : पांच सौ वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्रफल के मकान से सौ रुपये का शुल्क वसूल किया जाता है। इससे कम क्षेत्रफल के किसी भी मकान से 50 रुपये से ज्यादा शुल्क नहीं लिया जा सकता।

शुल्क हर महीने वसूल मगर सफाई रोज नहीं: लोगों की यह शिकायत है कि कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी शुल्क तो हर महीने नियमित रुपये से लेते हैं लेकिन कूड़ा लेने और उठाने का काम हर रोज नहीं होता। कई बार कई-कई दिन कूड़ा नहीं उठाया जाता। मुंशीनगर के लोगों का कहना है कि शुल्क लेने के बाद रसीद भी नहीं दी जा रही है। कभी मशीन का रोल खत्म होने का बहाना बनाया जाता है तो मशीन को खराब बताया दिया जाता है।

आवासीय क्षेत्रफल के अनुसार शुल्क तय किया गया है। पांच सौ वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल में बने घर से सौ रुपये की वसूली गलत और मानकों के खिलाफ है। चाहे नगर निगम का कर्मचारी शुल्क लेने आए या एजेंसी का, लोगों को उसकी रसीद जरूर लेनी चाहिए। - अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त

ये भी पढ़ें - बरेली: स्कूली वाहनों के मानक को लेकर कमिश्नर सख्त, 12 नामचीन स्कूलों को भेजा नोटिस

 

संबंधित समाचार