बरेली: ...यानी सरकार बना सकता है और अफसरों की जेबें भी भर सकता है लाभार्थी
कर्मचारियों के एक-दूसरे पर लाभार्थियों से वसूली के आरोप लगाने के बाद डूडा के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में रार
बरेली,अमृत विचार : लाभार्थियों के दम पर क्या-क्या नहीं हो रहा है। हाल ही में पांच राज्यों के चुनाव में पार्टियों ने जिस तरह एक से बढ़कर एक घोषणाएं कीं, उनसे साफ हुआ कि लाभार्थी को थोड़ा सा लाभ देकर सरकार तक बनाई जा सकती है, अब बरेली में सरकारी सिस्टम के व्हाट्सएप ग्रुप की चैट वायरल होने के बाद लाभार्थी के दम पर जेबें भी भरने का भी मामला उजागर हुआ है, वह भी पीएम के नाम की स्वनिधि योजना में।
इस चैट में एक-दूसरे पर लाभार्थियों से वसूली और उनके टुकड़ों पर पलने जैसे आरोप लगाए गए हैं। अफसर इस पर पहले चुप्पी साधे हुए थे लेकिन अब जांच कराने की बात कह रहे हैं। स्ट्रीट वेंडरों के लिए चलाई जा रही स्वनिधि ऋण योजना का क्रियान्वयन भी उसी डूडा कार्यालय के जरिए होता है जो दलालों की भरमार के लिए बदनाम है।
अब डूडा के ही ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप में लाभार्थियों से वसूली पर खुले आरोप-प्रत्यारोपों ने अफसरों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। दरअसल, पिछले दिनों डूडा कार्यालय में तैनात एक महिला कर्मचारी ने अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह से शिकायत कर अधिकारी का पासवर्ड चुराकर उसकी लॉगइन आईडी से छह सौ अपात्रों से पैसे लेकर उनके नाम स्वनिधि पोर्टल पर अपलोड करने का आरोप लगाया था।
अजीत कुमार ही इन दिनों डूडा के प्रभारी परियोजना अधिकारी हैं। कहा जा रहा था नगर निगम और डूडा दफ्तर के एक कर्मचारी के बीच अनबन के बाद महिला कर्मचारी ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। यह मामला डीएम तक पहुंचा तो सभी अपात्रों के नाम निरस्त करने के साथ ही आठ स्वनिधि मित्रों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप और जोर पकड़ने लगे। इस बीच डीएम ने भी डूडा दफ्तर पर छापा मारकर वहां मौजूद मिले एक दलाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। कार्रवाई सिर्फ स्वनिधि मित्रों पर हुई और बाकी लोग साफ बच गए तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया।
उनका आरोप था कि योजना देखने वाले कर्मचारी पर पीओ डूडा की मेहरबानी है। उन्होंने यह सब विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप पर लिखा तो महिला कर्मचारी इतनी भड़की कि व्हाट्सएप ग्रुप पर ही जवाबी आरोप लगाकर योजना में चल रहे भ्रष्टाचार की पोल और ज्यादा खोल दी।
खुद लाभार्थियों के टुकड़ों पर पल रहे हो, अपर सर को बता आए मैं तीन-तीन सौ मांगती हूं: डूडा के व्हाट्सएप ग्रुप की जो चैट वायरल हुई है, उसमें महिला कर्मचारी ने स्वनिधि मित्रों के लिए लिखा है कि अपर सर से यह कौन बताकर आया कि मैंने पीएम स्वनिधि में तीन-तीन सौ रुपये मांगे।
इसीलिए तुम लोगों की आईडी कैंसिल कर दी। तुम लोगों की औकात है मुझे पैसा देने की..! खुद लाभार्थी से ऑनलाइन आवेदन करने के 60 रुपये लेते हो। तुम लोग खुद लाभार्थियों के टुकड़ों पर पल रहे हो, तुम क्या मुझे पैसा दोगे।
महिला कर्मचारी को हाल ही में स्वानिधि योजना पटल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वसूली में लिप्त स्वनिधि मित्रों पर पिछले सप्ताह कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बाद उनको ग्रुप से हटा दिया गया। वायरल चैट की जांच कराकर आगे कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।-अजीत कुमार, अपर नगर आयुक्त/पीओ डूडा
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