रायबरेली: कोहरा बढ़ने से सर्दी में इजाफा, अलाव का नहीं है कोई इंतजाम
रायबरेली, अमृत विचार। कोहरा बढ़ने के साथ सर्दी में उछाल आ गया है। तापमान धीरे-धीरे कम हो रहा है। ऐसे में रात और सुबह कड़ाके की सर्दी हो रही है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा अभी तक अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में निराश्रितों के यह सर्दी जानलेवा बन रही है। वहीं सर्दी से बचने के लिए लोग अपने स्तर से सड़क पर इंतजाम करते देखे जाते हैं।
दिसंबर के तीसरे सप्ताह में सर्दी का तल्ख रूख दिख रहा है। लगातार सात दिनों से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि औसत के लिहाज से अभी तापमान अधिक है। शनिवार सुबह कोहरा पड़ा। रात में गलन अधिक होने से गेहूं की फसल के लिए यह लाभदायक है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले सप्ताह से सर्दी में और तेजी आने की संभावना है।
सर्दी का मौसम इस बार अलग रुख लिए है। पिछले 10 वर्ष में मौसम का इस तरह होना नहीं रहा। नवंबर से ही तापमान में हल्की गिरावट आना शुरू होती है और दिसंबर के पहले सप्ताह से कोहरा और सर्दी तेज हो जाती है लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। नवंबर से लेकर दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक सामान्य से अधिक तापमान बना रहा जिस कारण गुलाबी सर्दी रही।
अब पिछले दो दिन से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। जिससे गलन बढ़ रही है तो साथ ही खेती को भी फायदा पहुंच रहा है। असल में हिमालय की पर्वत श्रंखला पर बर्फबारी होने से मैदानी भागों में हल्का पश्चिमी विक्षोभ कारगर हो रहा है। जिस कारण सर्दी बढ़ने लगी है। शनिवार सुबह कोहरा रहा तथा गलन भी अधिक रही।
अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री रहा जो सामान्य से कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहा जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के निदेशक अजय मिश्रा के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ धीरे-धीरे कारगर हो रहा है जिससे अगले कुछ दिनों में दिन का भी तापमान गिरेगा। जिससे सर्दी बढ़ेगी।
25 दिसंबर से बदलेगा मौसम
पहाड़ों पर बर्फबारी होने के साथ मैदानी भागों में पश्चिमी विक्षोभ का असर बन रहा है जिससे 25 दिसंबर के बाद सर्दी के तेज होने की संभावना है। हालांकि इस वर्ष सर्दी अन्य वर्ष की तुलना में कुछ कम होगी। मौसम विभाग के मुताबिक 25 दिसंबर से लेकर 10 जनवरी तक तापमान गिरेगा। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम सामान्य हो जाएगा।
बिना अलाव सर्दी का सहना मुश्किल
सर्दी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। वहीं सड़कों पर अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। हर वर्ष दिसंबर के तीसरे सप्ताह में अलाव का बजट आ जाता है लेकिन इस बार बजट को लेकर अधिकारी शांत हैं। शहर के किसी भी कोने में अलाव नहीं जल रहा है। जिससे उन लोगों को अधिक दिक्कत हो रही है जिनके पास छत का सहारा नहीं है।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर निराश्रित लोग किसी तरह कूड़ा करकट जलाकर सर्दी से मुकाबला कर रहे हैं। अलाव की व्यवस्था न होने से लोगों की भीड़ दुकानों और ढाबों पर दिख रही है। वहां पर भट्ठी की आग से लोग खुद को सर्दी से बचाते दिखते हैं।
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