अयोध्या: गर्भगृह में सिंहासन को स्वर्ण जड़ित करने का काम शुरू, पांच वर्षीय रामलला की मूर्ति का भी निर्माण पूरा
अयोध्या अमृत विचार : 22 जनवरी 2024 को पांच वर्षीय रामलला का नूतन विग्रह गर्भगृह में सोने के सिंहासन पर विराजमान हो जाएगा । जिसके लिए मंदिर के गर्भगृह में बने तीन फीट ऊंचे सिंहासन को स्वर्ण जड़ित बनाये जाने का कार्य शुरू हो गया है। रामलला की मूर्ति निर्माण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
राम मंदिर में गर्भगृह से लेकर शिखर तक सब सोने से चमकेगा। मंदिर का मुख्यद्वार और गर्भगृह का सिंहासन सोने से जड़ित बनाया जा रहा है। यह कार्य दिल्ली की एक ज्वेलर्स फर्म कर रही है। इसे 15 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। ट्रस्ट के मुताबिक गर्भगृह में तीन फीट ऊंचा सिंहासन और 14 दरवाजे के बाद शिखर और पांच गुंबद के साथ शिखर पर पताका के लिए 40 फीट ऊंची सोना जड़ित रॉड लगाई जाएगी। यह कार्य मंदिर निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद किया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि सभी कार्य अपने निर्धारित समय पर हो रहे हैं। 22 जनवरी को रामलला सोने की सिंहासन पर विराजमान होंगे।
मूर्ति चयन को लेकर ट्रस्ट और मूर्तिकारों की बैठक 29 को
- राम मंदिर के गर्भगृह में पांच वर्षीय बाल रूप में विराजमान होने वाले रामलला की मूर्ति के चयन के लिए 29 दिसंबर को ट्रस्ट और मूर्तिकारों की बैठक होगी। मूर्ति चयन समिति के अध्यक्ष व ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी भी रामनगरी पहुंचेंगे।
