संभल : बजट मंजूर होने पर भी शुरू नहीं हुआ एआरटीओ कार्यालय का निर्माण
अधूरी रह गई आस 2023 : संभल-बहजोई मार्ग पर गांव किसौली में भवन के लिए चिन्हित की जा चुकी है भूमि
अस्थाई संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय।
संभल, अमृत विचार। भले ही वर्ष 2022 में एआरटीओ कार्यालय के लिए संभल-बहजोई मार्ग पर किसौली में जमीन चिन्हित कर ली गई लेकिन शासन से बजट तो मंजूर हो गया लेकिन आवंटित नहीं हो सका। इसलिए निर्माण कार्य अटका है। आलम यह है कि वर्ष 2023 भी बीतने को है और अभी सिर्फ कार्यालय निर्माण को लेकर एक लाख रुपये से खाता खुलने की बात कही जा रही है।
जनपद का सृजन वर्ष 2011 में हुआ था लेकिन कई साल बीतने के बावजूद जनपद में स्थाई कलेक्ट्रेट भवन सहित जिला मुख्यालय से जुड़े सरकारी विभागों के कार्यालयों का निर्माण नहीं हुआ है। आमजन से जुड़ा एआरटीओ कार्यालय भी संभल में स्थित नई तहसील भवन के छोटे से हिस्से में अस्थाई रूप से संचालित किया जा रहा है। वैसे तो इस कार्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग कई साल तक चलती रही लेकिन उम्मीद पूरी नहीं हुई।
शासन स्तर से एआरटीओ कार्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया तो जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इस काम को प्राथमिकता में शामिल किया। उनके प्रयास से वर्ष 2022 में तीनों तहसीलों के लोगों की सहूलियत को देखते हुए संभल-बहजोई मार्ग पर गांव किसौली में एआरटीओ कार्यालय एवं आटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक निर्माण के लिए करीब 28 बीघा भूमि चिन्हित की गई।
परिवहन विभाग ने भूमि पर बोर्ड लगाकर कब्जा भी जमा लिया। जिसके बाद निर्माण के लिए करीब दो करोड़ रुपये की मांग शासन से की गई। उम्मीद जागी कि शासन स्तर से बजट आवंटित होने पर निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा लेकिन वर्ष 2022 के बाद अब 2023 भी बीत रहा है पर बजट आवंटित नहीं हो सका है। इतना जरूर है कि शासन स्तर से स्थानीय अधिकारियों को एक लाख रुपये से खाता खोले जाने की जानकारी दी गई है।
लोगों को मिलेगी सहूलियत
जिला प्रशासन ने गांव किसौली में एआरटीओ कार्यालय एवं ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक के लिए जमीन चिन्हित की है। अगर उसी जगह पर निर्माण हुआ तो संभल के साथ-साथ चंदौसी और गुन्नौर तहसील क्षेत्र के लोगों को भी सहूलियत मिलेगी। लोगों को कई किलोमीटर दूर जाने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि किसौली में संचालित होने वाले एआरटीओ कार्यालय जाकर अपने काम करा सकेंगे।
कार्यालय के लिए शासन से करीब दो करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई थी। मुख्यालय से जानकारी मिली है कि एक लाख रुपये से खाता खोला गया है। शासन से बजट आवंटित होने पर ही निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकेगा। -डॉ.प्रवेश कुमार सरोज, एआरटीओ
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