मुरादाबाद: लखनऊ के युवक से साइबर ठगी के आरोपी गिरफ्तार

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मुरादाबाद,अमृत विचार। मंडल मुख्यालय में साइबर थाना खुलने के बाद टीम ने पहला खुलासा किया है। टीम ने साइबर क्राइम के आरोपियों गिरफ्तार किया है। उनके पास से ठगी की रकम व कई एटीएम भी बरामद किए गए हैं। यह पूरा खेल काल सेंटर और एनजीओ के नाम पर खेला जाता था। फोन करने वाले …

मुरादाबाद,अमृत विचार। मंडल मुख्यालय में साइबर थाना खुलने के बाद टीम ने पहला खुलासा किया है। टीम ने साइबर क्राइम के आरोपियों गिरफ्तार किया है। उनके पास से ठगी की रकम व कई एटीएम भी बरामद किए गए हैं। यह पूरा खेल काल सेंटर और एनजीओ के नाम पर खेला जाता था।

फोन करने वाले खुद को काल सेंटर और एनजीओ का कर्मचारी बताकर खाताधारक को फंसाते थे। लालच दिया जाता था कि कुछ रकम वह उनके खाते में ट्रांसफर करवा रहे हैं, इसके एवज में खाताधारक को भी रकम दी जाएगी। गिरोह के सदस्यों ने इस तरह से लखनऊ में रहने वाले एक युवक समेत कई लोगों को निशाना बनाया। पुलिस ने ठगी के करीब तीस हजार रुपए भी खातों में ट्रांसफर कर दिया दिए हैं।

पिछले दिनों लखनऊ के 1083 सेक्टर के आशियाना निवासी राघवेंद्र सिंह ने साइबर थाने में मामला दर्ज कराया था। उनका कहना था कि मुरादाबाद स्थित आरवीएल बैंक में उनका खाता है। कुछ दिनों पहले उनके पास एक फोन आया, फोन करने वालों ने बैंक कर्मी बताते हुए क्रेडिट कार्ड अपडेट करने की बात कही। इसके बाद दो बार में उनके खाते से एक लाख रुपए निकल गए। कुछ इसी तरह की रिपोर्ट दो अन्य लोगों ने भी कराई थी। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पूरा रैकेट सामने आया। पुलिस ने इस मामले में थाना नागफनी क्षेत्र के मोहल्ला सऊद की फर्म में रहने वाले अब्दुल जाहिद व शहर कोतवाली क्षेत्र के गुलाल गली रेती स्ट्रीट निवासी दीनदयाल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। मास्टर माइंड गोलू व आशियाना फेस-2 निवासी वैभव रस्तोगी फरार हैं।

एसपी सिटी अमित आनंद ने बताया कि ठगों से करीब पांच हजार रुपए बरामद किए गए हैं जबकि बीस हजार की धनराशि पीड़ितों के खाते में ट्रांसफर करवा दी गई है। उन्होंने बताया कि गोलू काल सेंटर चलाता है जबकि उसके साथियों ने संस्था बना रखी है।

कुछ देर बात की और उड़ा देते थे रकम
एसपी सिटी ने बताया कि ठगों ने शोभना ग्रामोद्योग आश्रम के नाम से एक खाता बना लिया है। वे लोग फोन करके संस्था के खाते में ठगी की धनराशि डालते थे। बाद में धनराशि आपस में बांट लेते थे। बकौल एसपी सिटी गोलू दिल्ली में काल सेंटर संचालित करता है और वही सभी को फोन करके लोगों को झांसे में लेकर उनके खाते से रकम निकाल लेता था। बाद में उसे आश्रम के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता था। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

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