उमेशपाल हत्याकांड : पांच लाख के इनामी शूटर अरमान बिहारी का मकान कुर्क

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार। उमेश पाल हत्याकांड के मामले में फरार चल रहे अतीक अहमद के करीबी शूटर पांच लाख के इनामी अरमान बिहारी के मकान पर पुलिस ने गुरूवार को कुर्की  की कार्रवाई की है। सिविल लाइंस इलाके में स्थित अरमान के मकान को पुलिस ने मुनादी कराने के बाद कुर्क किया है। पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की है। इस कार्रवाई में कई थानों की पुलिस मौजूद रही। 

मूल रूप से बिहार के गया का रहने वाला अरमान काफी शातिर शूटर है। वह शहर के सिविल इलाके में पैलेस सिनेमा के पीछे अपनी बुआ के घर में रहता था। वह अतीक अहमद का खास गुर्गा था। उमेश पाल की हत्या में अरमान ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी जिसकी फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा है। पुलिस और एसटीएफ उसका कोई सुराग नहीं लगा सकी। पुलिस ने उसके ऊपर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। जिसकी तलाश कई राज्यों में पुलिस कर रही है। गुरुवार को अदालत के आदेश पर पुलिस ने उसके मकान को कुर्क कर दिया। 

जब नफीस के इशारे पर दिन दहाड़े चलाई थी गोली
17 सितंबर 2017 एक अरमान ने नफीस के इशारे पर दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दिया था। सिविल लाइंस में दिनदहाड़े हत्या की नीयत से सोडा पानी विक्रेता रंजीत कुमार सोनकर पर गोली चलाया था। बहुगुणा मार्केट निवासी रंजीत दोपहर एक बजे के करीब कामधेनु स्वीट्स के पास अपनी दुकान पर मौजूद था। वहां अरमान व 5-6 अन्य लोगों संग पहुंचे नफीस ने कट्टा सटाकर गालीगलौज करते हुए पहले उसे पीटा था। इसके बाद अरमान ने रंजीत पर गोली चला दी थी। दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले में भुक्तभोगी की पत्नी प्रीति की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने हत्या के प्रयास व एससी एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मे तत्कालीन सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चंद ने इस मामले में दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था।

नफीस ने अतीक गैंग से कराई थी मीटिंग
शूटर अरमान को नफीस ने ही अतीक गैंग से मिलवाया था। गैग में शामिल होने के लिए कई बार मीटिंग की गयी थी। नफिस ने अरमान को पहले अशरफ से मिलवाया और उसके बाद अशरफ का खास बन गया। अशरफ ने ही अतीक से अरमान की पैरवी की थी। सूत्रों का कहना है कि अरमान को नफीस अपने साथ हमेशा लेकर चलता था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद वह फरार हो गया। अशरफ के जेल जाने के बाद अरमान के जरिए ही अशरफ व नफीस बाते एक दूसरे तक पहुंचती थी। अरमान न सिर्फ नैनी बल्कि कई बार बरेली जेल में जाकर अशरफ से मुलाक़ात किया था।

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