अधिवक्ताओं की वजह से ही बन रहा भव्य मंदिर, वकीलों से पीएम की रैली में पहुंचने की अपील
अयोध्या अमृत विचार : वकीलों की पुरजोर पैरवी का परिणाम है कि अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। अधिवक्ता अच्छी तरीके से मुकदमा अदालत के समक्ष न प्रस्तुत करते तो मंदिर न बनता ।स्वतंत्रता के बाद ही सोमनाथ मंदिर की तरह अयोध्या तथा मथुरा काशी का भी कार्य हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ। ये बातें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को कहीं। वह कचहरी स्थित आचार्य नरेंद्र देव सभागार में वकीलों से मुलाकात करने के बाद उन्हें संबोधित कर रहे थे ।
उन्होंने कहा कि जल, थल व नभ तीनों मार्ग से अयोध्या के लिए पहुंचने की व्यवस्था हो रही है। यह गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री के आगमन पर मीडिया और विपक्ष कार्यक्रम में खामियां ढूंढेगा लेकिन कोशिश हो कि उन्हें कमी न मिले। उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार प्रदेश अध्यक्ष बने थे और इस जिले में अधिवक्ताओं से कहा था कि जिस प्रकार से आप लोग वादकारियों के मुकदमों की पैरवी करते हैं उसी प्रकार हमारे मुकदमे की भी पैरवी भी करिएगा।उसी का परिणाम है कि हमारी पार्टी का मुकदमा आप लोगों ने ऐसा लड़ा की विधानसभा में 325 विधायक पहुंच गए । उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचने के लिए भी अधिवक्ताओं से अपील की। गोसाईगंज के पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू ने कहा कि वकीलों के उनके ऊपर एहसान है।
इसके आभार के लिए उनके पास कोई शब्द नहीं है। अधिवक्ताओं ने उपमुख्यमंत्री को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। इससे पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय, मंत्री विपिन कुमार तिवारी, कोषाध्यक्ष मुन्ना सिंह, उपाध्यक्ष केशव प्रसाद वर्मा व एल्डर कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण कुमार पांडे समेत अन्य लोगों ने उपमुख्यमंत्री को राम लला की तस्वीर व अंगवस्ट्म भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार शर्मा ने किया।कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य करुणाकर पांडे, अधिवक्ता सुधीर द्विवेदी, गिरीश चंद्र तिवारी व रामशंकर तिवारी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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