New Year 2024: भूल जाइए नैनीताल, तराई के पीलीभीत में मनाएं नया साल
सौरभ सिंह, पीलीभीत। नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग नैनीताल, शिमला आदि पहाड़ों पर घूमने के लिए जाते हैं, मगर तराई की गोद में बसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार करने के बाद आप नैनीताल भूल जाएंगे। इस बार पीलीभीत टाइगर रिजर्व में नए साल पर कुछ ऐसा हीं दिख रहा है। नए साल पर टाइगर रिजर्व की हटें, गेस्ट हाउस और आसपास के होम स्टे फुल हो चुके हैं। जहां बाहर से पर्यटक अपने दोस्त और परिवार के साथ नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंचे हैं।

टाइगर रिजर्व के अफसरों की मानें तो 10 जनवरी तक गेस्ट हाउस और हटें फुल हो रखी है। हांलाकि शहर में रुकने के लिए होटल अभी खाली है। टाइगर रिजर्व बनने के बाद नौ सालों में अभी तक 151,786 पर्यटक टाइगर रिजर्व का दीदार कर चुके हैं। हांलाकि इस बार पर्यटन सत्र जारी है। जहां पर्यटक बाघ का दीदार करने के लिए पहुंच रहे हैं।

जिले में जंगल 73024.98 हेक्टेयर में जंगल फैला है। इसमें टाइगर रिजर्व के तहत 60279.80 हेक्टेयर कोर एरिया और 12745.18 हेक्टेयर बफर एरिया है। इसमें 2014 में बाघों की संख्या 25 थी। टाइगर रिजर्व घोषित होने के चार साल बाद यानी 2018 में बाघों की संख्या दोगुना से अधिक यानी 65 हो गई। वर्तमान में यहां 71 से अधिक बाघ हैं। जो देश के मानचित्र पर दिखने के बाद विदेशी पर्यटकों को भी जंगल अपनी ओर आकर्षित करने लगा है।
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यहां पीलीभीत टाइगर रिजर्व का चूका स्पॉट पर्यटकों के लिए शानदार ठिकाना बनकर उभरा है। चूका बीच में बनी बैंबो और ट्री हट पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती हैं। डैम के भीतरी हिस्से में बनाई गई बैंबो हट की ओर पहुंचने पर पर्यटक काफी आनंद महसूस करते है। वहीं दो पुराने साल के वृक्षों के सहारे 25 फिट की ऊंचाई पर बनी ट्री हट देखने को भी पर्यटक उत्साहित रहते हैं। इसके अलावा चार थारू हट बनी हुई है। साथ ही वहां मिट्टी के डैम बना हुआ है। जो एशिया का सबसे बड़ा डैम है। जहां पर्यटकों के लिए वोटिंग भी करने की व्यवस्था की गई है। 15 नवंबर से 15 जून तक पर्यटन सत्र चलता है। जहां देसी पर्यटकों के साथ विदेशी पर्यटकों का भी आवगमन रहता है।

बाइफरकेशन भी पर्यटकों के लिए खासा आकृषण का केंद्र बना हुआ है। चूका जाने वाले पर्यटक बाइफरकेशन का दीदार करने के लिए आते हैं। इधर, 9वें पर्यटन सत्र के बीच पर्यटक नए साल का जश्न मनाने के लिए टाइगर रिजर्व के चूका बीच में पहुंचने लगे हैं। कई पर्यटकों ने चूका बीच में ठहरने के लिए एडंवास में ही हटों की बुकिंग करा ली है। इनमें कई विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। जो नए साल में बाघ और प्राकृतिक का दीदार करने के लिए बेकरार हैं।

नए साल पर चूका में बढ़ती भीड़ को देखते हुए दो रेंजों का अतिरिक्त स्टाफ भी बढ़ाया गया है। पिछली बार नए साल पर चूका में करीब सात हजार से अधिक लोग जश्न मनाने के लिए पहुंचे थे। इस बार इससे भी अधिक पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। चूका में नए साल पर ही नहीं बल्कि 10 जनवरी तक सभी हटे एडंवास में बुक हो चुकी हैं। ऐसे जो पर्यटक चूका बीच पर नए साल का जश्न मनाना चाह रहे थे। उनमें मायूसी है। हांलाकि टाइगर रिजर्व के बाहर इन पर्यटकों ने जंगल किनारे बने होम स्टे में ठहरने की व्यवस्था की है।
सफारी को लेकर रहेगी मारामारी
टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को जंगल और चूका की सैर करने के लिए वन निगम की ओर से कुल 50 गाड़ियां लगी हुई है। जिनमें पांच सरकारी जीनान सफारी है। 45 गाड़ियां जिप्सी और जीनान की प्राइवेट लगी हुई है। जिन्हें बुकिंग करने के बाद पर्यटक आसानी से घूम सकते हैं। मगर नए साल सभी गाड़िया पहले ही बुक हो चुकी है। अधिकतर गाड़ियां अफसर और जनप्रतिनिधियों के लिए रिजर्व कर दी गई है। जिस वजह से सफारी गाड़ियों को लेकर मारामारी मची हुई है। पिछली बार शुल्क के साथ ही चूका में प्राइवेट वाहनों को एंट्री दी गई थी। इस पर ऐसा होगा या नहीं। इस पर अधिकारी कुछ स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं।
गेस्ट हाउस रहेंगे गुलजार
सत्र के दौरान पर्यटक की आमद से चूका बीच में बनी हटों को पर्यटक ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा की गई है। नए साल पर जंगल क्षेत्र में बने बराही, मुस्तफाबाद समेत सभी गेस्ट हाउस भी गुलजार रहेंगे। हालांकि गेस्ट हाउस में अधिकांश वीआईपी ही ठहरतें है। अगर कोई भी पर्यटक गेस्ट हाउस में ठहरेगा तो उन्हें टाइगर रिजर्व प्रशासन को 1250 रुपये प्रतिदिन देना होगा। गेस्ट हाउस की जिम्मेदारी टाइगर रिजर्व के आधीन रहेंगी, और विभाग ही उनकी बुकिंग करेगा। मगर नए साल पर गेस्ट हाउस मे भी जगह नहीं है। ऐसे में कई पर्यटकों ने शहर में होटल बुक किए हैं।
नौ साल में 2.99 करोड़ का हुआ राजस्व
- पीलीभीत के जंगल को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने के बाद पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी थी। जून वर्ष 2014 में टाइगर रिजर्व को विकसित किया गया था। इसके बाद वहां भारतीय पर्यटकों के साथ विदेशी पर्यटक भी यहां भ्रमण करने के लिए पहुंचे थे। जिससे टाइगर रिजर्व में बीते नौ सालों में 151,786 पर्यटकों ने चूका का दीदार किया था। इसमें अब तक अमेरिका, न्यूजीलैंड, इजरायल, अर्जेनटीना समेत विभिन्न देशों से 195 पर्यटक भ्रमण कर चुके हैं। इन पर्यटकों से टाइगर रिजर्व ने 2.99 करोड़ से अधिक का राजस्व मिला है।
बाघ ही नहीं हिरन,भालू और बंगाल फ्लोरिकन का भी डेरा
टाइगर रिजर्व वैसे तो बाघों के लिए अधिक प्रसिद्ध है। देश विदेश से पर्यटक यहां बाघ का दीदार करने के लिए आते हैं, दरअसल यहां बाघ के अलावा पर्यटकों के लिए जंगल के खूबसूरत ग्रासलैंड के बीच विचरण करते बाघ, भालू, चीतल, सांभर, बारह सिंघा, हिरन, पाड़ा, लैपर्ड, मोर, चौसिंघा, सेही, गोह, बंगाल फ्लोरिकन आदि वन्य जीव का भी दीदार होता है।
ऐसे पहुंचेंगे चूका बीच
पर्यटकों को जंगल घूमाने के लिए वन विभाग ने दो रूट निर्धारित किए हैं। इसमें पीलीभीत से जाने वाले पर्यटकों के लिए महोफ के गेट नंबर एक से शुरू होकर जंगल के अंदर ही भीमताल, उत्तराखंड की सीमा पर नहर मार्ग होते हुए चूका स्पॉट पहुंचेंगे।
दूसरा रूट मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस से चूका बीच, बाइफरकेशन, साइफन के रास्ते सप्त सरोवर ले जाकर पुन: उसी मार्ग से सामर ताल (वाच टॉवर) होते हुए वापस मुस्तफाबाद लाया जाएगा। पहली पाली सुबह साढ़े छह बजे से 10 बजे तक रहेगी, जबकि दूसरी पॉली दो बजे से सूर्यास्त होने से पहले तक रहेगी। इसके लिए पर्यटकों को मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पहुंचना होगा। पर्यटक चूका बीच में अधिकतम दो घंटे तक ही रह सकते हैं।
ऐसे कर सकते हैं हटों व जीनॉन की बुकिंग
चूका बीच में वन निगम के आधीन हटों की बुकिंग सुविधा ऑनलाइन है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बताया कि 15 नवंबर से टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए खुल जाता है।अगर कोई पर्यटक चूका जाने और वहां ठहरने के लिए वाहन और हटों की बुकिंग करना चाहता है। तो इस वेबसाइट www.upecotourism.in पर जाकर बुक करा सकते हैं। बुक होने के बाद वह पर्यटक के लिए रिजर्व कर दी जाएगी।
यहां होंगे निजी वाहन पार्क, मिलेगी जंगल सफारी
- पर्यटकों के अपने स्वयं के वाहन से सीधे चूका बीच पहुंचने पर पाबंदी है। पर्यटक अपने वाहन से मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस तक जा सकते हैं। वहां से उन्हें वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई किराए की जिप्सी अथवा टाटा जीनान सफारी से चूका जाना होगा। यह वाहन बुकिंग कराने के बाद उन्हें मिलेंगे। वाहन के साथ एक गाइड भी होगा। जो उन्हें चूका के साथ जंगल के बारे में विस्तार से जानकारी देगा। जिसका पर्यटकों को किराया चुकाना होगा।
किराये की स्थिति
सफारी 4000 रुपये छह व्यक्ति
थारू हट 6000 रुपये दो व्यक्ति
ट्री हट 6000 रुपये दो व्यक्ति
मोटर बोट 6500 रुपये 10 व्यक्ति
टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र तेजी से चल रहा है। लगातार पर्यटकों का आवगमन जारी है। नए साल पर सभी हटें, गेस्ट हाउस के अलावा होम स्टे भी फुल हो चुके है। भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। ताकि पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न होने पाए। नए साल में अन्य कई सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। जिसका लाभ आगामी सत्र में मिलेगा--- नवीन खंडेलवाल डिप्टी डायरेक्टर टाइगर रिजर्व।
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