सावधान! संभल कर चलें, कोहरा है, रफ़्तार से लग सकती है सांसों को ब्रेक, जानिए कितनी हो रही हर रोज मौतें
कोहरे के सीजन यानी करीब डेढ़ माह में जा चुकी है 3,920 लोगों की जान, 7,183 हादसों में 4,840 हुए हैं घायल
नीरज मिश्र, अमृत विचार: सावधान! यदि आप सड़क मार्ग से दो या चार पहिया वाहन से लंबे सफर की तैयारी में है तो यह खबर आपके लिए नितांत आवश्यक है। दिसंबर माह खत्म होने को है। ठंड बढ़ने के साथ ही कोहरा घना होने लगा है। सूबे के ज्यादातर हाइवे और फोरलेन कोहरे के आगोश में आ चुके हैं। शाम होते ही धुंधलके की चादर इस कदर गहरा जाती है कि करीब-करीब हर इलाके में दृश्यता (विजिबिल्टी) शून्य के इर्द-गिर्द पहुंच जाती है। ऐसे में अगर रफ्तार भरने के आदी हैं तो अपने वाहन की गति नियंत्रित कर लें और दृश्यता साफ होने का इंतजार करें। गाड़ी को धीरे-धीरे ही गंतव्य की ओर बढ़ाएं। कोहरे के दौरान वाहन चालकों की मामूली सी लापरवाही आपके परिवार को न भूलने वाला ऐसा दंश दे जाती है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती है। सचेत करने के लिए यह बातें हम इसलिए बता रहे हैं कि वर्ष 2022 में परिवहन विभाग की ओर से प्रदेश में कोहरे से हुए हादसों को लेकर जो आंकडे़ जारी किए गए हैं वह बेहद चौंकाने वाले हैं। कोहरे के दौरान 3,920 लोगों ने असमय अपनी जान गंवाई है।
कोहरे के दौरान औसतन रोज 87 मौतें
साल का औसत डेढ़ माह कोहरे गिरने का माना जाए तो धुंध के दौरान औसतन 87 मौतें रोज हुई हैं। यानी 45 दिन में 3,920 मौतें। तो रोज 87 लोगों ने अपनी जान कोहरे के दौरान गंवाई है।
फिसलन भरे बारिश के मौसम में भी आंकडे़ रहते हैं कोहरे से कम
बरसात के मौसम में रपटीली सड़कों पर 6,078 हादसे हुए। इनमें 3,350 लोगों ने अपनी जान गंवाईं। वहीं घायलों की संख्या 4,335 रही। यानी कोहरे के मौसम से अगर बारिश से तुलना की जाए तो हादसों और मौतों का आंकड़ा कम रहा।
भयानक हैं ये आकड़े
- मौसम - हादसे - मौत - गंभीर घायल
- कोहरा - 7,183 -3,920 -4,840
- बारिश - 6,078 -3,350 - 4,335
कोहरे के दौरान यह करें
- -बहुत जरूरी हो तभी करें वाहनों से दूर का सफर
- -फॉग लाइट और जलने-बुझने वाली डी-फॉगर का करें इस्तेमाल
- -वाहन में वाइपर चालू रखें, विंड स्क्रीन और खिड़की के शीशों को साफ करते चलें
- -वाहन मोड़ने से पहले कम से कम से दस सेकेंड के लिए इंडीकेटर का इस्तेमाल करें
- -धीमी गति में चलाएं वाहन, लेन से न भटकें
- -हेडलाइट को लो-बीम पर जलाएं
- -शून्य की स्थिति में पेंटेड लेन मार्किंग को पकड़ उसी के सहारे धीरे-धीरे आगे बढ़े
- -व्यवसायिक वाहन रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप अवश्य लगाएं
- -वाहनों के बीच में दूरी बनाते हुए गाड़ी चलाएं
कोट...................
"निश्चित तौर पर कोहरे में हुए बीते वर्ष हुए हादसे चिंता को बढ़ाने वाले हैं। परिवहन मंत्री की ओर से गाइड लाइन जारी की जा चुकी है। यहां तक कि परिवहन आयुक्त स्वयं ऐसे मसलों पर गंभीर हैं। लगातार मानीटरिंग की जा रही है। सतर्कता ही मानव जीवन को बचा सकती है। कोहरे को लेकर वाहन स्वामियों से अपील है कि वह विभागीय गाइड लाइन का पालन करें। ज्यादा जल्दबाजी न करें "
पुष्पसेन सत्यार्थी, अपर परिवहन आयुक्त सड़क सुरक्षा
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