तदर्थ शिक्षकों की डीआईओएस ने मानी मांग, भेजा गया वेतन बिल, 15 दिनों से बैठै थे धरने पर

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Edited By Amrit Vichar
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सुल्तानपुर अमृत विचार: तदर्थ शिक्षकों के आंदोलन के दबाव में कार्यालय छोड़कर दूसरे अधिकारियों के दफ्तर में काम करने वाले जिला विद्यालय निरीक्षक रविशंकर आखिरकार शनिवार को अपनी कुर्सी पर दिखे। आंदोलरत तदर्थ शिक्षकों का कहना था कि 15 दिन तक धरने का परिणाम रहा कि हठधर्मी अधिकारी को झुकना पड़ा। शासन के आदेशानुसार डीआईओएस ने 167 तदर्थ शिक्षकों का वेतन बिल बनाकर कोषागार को भेज दिया है। वहीं, अवशेष वेतन मिलने की आशा के तदर्थ शिक्षकों के चेहरे पर खुशी छा गई और धरना प्रदर्शन को स्थगित कर दिया। 

जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से लगभग लगभग 43 विद्यालय के तदर्थ शिक्षकों का लगभग 17 माह का अवशेष वेतन बिल कोषागार भेजा गया। शेष शिक्षकों का सोमवार तक भेजने का वादा किया गया। संयुक्त मोर्चा के संयोजक संजय सिंह ने बताया की शनिवार को तदर्थ शिक्षकों के लिए खुशी का दिन है। यह जीत शिक्षक संगठन सहयोग से मिली है। माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई के जिला मंत्री डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा की 17 महीने के वेतन प्राप्त कर लेने तक लड़ाई सीमित नहीं होगी। तदर्थ शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए हम संघर्ष करने के लिए तैयार है। भ्रष्टाचार को प्रश्रय देने वालों की हार हुई है।

विदित होगा कि 203 तदर्थ शिक्षकों की नौकरी समाप्त हो गई है। बीते दिनों इनमें 11 शिक्षकों के एरियर की पत्रावली डीआईओएस कार्यालय में बनकर तैयार हुई थी, लेकिन पांच को ही कोषागार भेजा गया। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में तदर्थ शिक्षक डीआईओएस कार्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन कर रहे थे। यहां से अधिकारी कर्मचारी गायब हो लिए थे। जबकि, बोर्ड परीक्षा जैसे जरूरी कामकाज कर्मचारी जीआईसी में बैठकर निपटा रहे थे। 

डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि शनिवार को 167 शिक्षकों का वेतन बिल बनाकर कोषागार को भेज दिया गया। नियमानुसार इन शिक्षकों को जुलाई 2022 से नौ नवंबर 2023 तक वेतन दिया जाएगा।  आगे की कार्यवाही उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार किया जाएगा। 

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