बहराइच: युवाओं की जागरुकता से रुकेंगे सड़क हादसे, बोले मुकुट बिहारी, छात्र-छात्राओं को बांटे गए हेल्मेट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बहराइच, अमृत विचार। जनपद में 15 दिसंबर से चल रहे यातायात सुरक्षा पखवाड़ा कार्यक्रम का समापन रविवार को हो गया। प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री ने सड़क हादसों को रोकने के लिए युवाओं को आगे आने की अपील की। वाहन संचालन करते समय शत-प्रतिशत हेल्मेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करने के प्रति आमजन में जनजागरुकता पैदा करने के उद्देश्य जनपद में 15 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक सड़क सुरक्षा पखवाड़ा कार्यक्रम संचालित हुआ, जिसका समापन रविवार को केडीसी के डॉ. जेबी सिंह सभागार में हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा रहे।

उन्होंने छात्र-छात्राओं को हेल्मेट का वितरण करते हुए आहवान किया कि स्वयं के साथ आमजन को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करें। मुकुट बिहारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से बीते पखवाड़े जन जागरूकता के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किये गये परन्तु यातायात नियमों के पालन के लिए मात्र सरकार या जिला प्रशासन का प्रयास पर्याप्त नहीं होगा।

यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने में आज की युवा पीढ़ी विशेषकर छात्र-छात्राएं भूमिका निर्वहन कर सकते हैं। युवाओं को नसीहत दी कि बाईक राइडिंग अथवा चार पहिया वाहन का संचालन करते समय हेलमेट/सीट बेल्ट का प्रयोग करें। निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन को कदापि न चलायें, स्टंट व नशे से दूर रहे तथा वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करने की बात कही।

कार्यक्रम के दौरान पीटीओ अवधराज व गजंफर जाफरी ने भी लोगों यातायात नियमों तथा सड़क सुरक्षा पखवाड़ा के दौरान संचालित की गयी गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनजागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों के व्यवहार परिवर्तन पर विशेष ज़ोर दिया गया है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी इरफान, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन राजीव कुमार व प्रवर्तन के ओपी सिंह, पूर्व प्राचार्य मेजर डॉ. एसपी सिंह सहित अन्य गैर सरकारी संगठनों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के अन्त में परिवहन विभाग द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।

यह भी पढ़ें:-रायबरेली: जीविका ही नहीं जीवन का अभिशाप बनी बकुलाही झील, गांव में फैल रही अपंगता

संबंधित समाचार