रामलला के नए विग्रह का चयन पूरा: चंपत राय
मूर्तिकारों ने पांच महीने में तैयार की रामलला की मूर्ति
अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला के नूतन विग्रह को विराजमान कराया जाएगा। जिसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मूर्ति का चयन भी पूरा कर लिया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने एक इंटरव्यू में जानकारी देते हुए बताया कि रामलला की मूर्ति को तीन अलग-अलग मूर्तिकारों ने तैयार किया है इसके लिए दो तरह के पत्थरों को उपयोग में लाया गया है।
एक श्यामशिला तो वही दूसरा राजस्थान के संगमरमर की शिला से बनाई गई थी। पांच महीने के प्रयास के बाद मूर्तिकारों ने रामलला की मूर्ति को तैयार किया। जिसे ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने देखा और अपनी अपनी राय दी। जिसके बाद उसका चयन किया गया। उन्होंने कहा कि पांच वर्षीय रामलला की खड़ी मूर्ति है। बालक जैसी सुकोमलता एक राजा का पुत्र और विष्णु का अवतार जिसमें देवत्व भी चाहिए और इस प्रतिमा में भारतीय संस्कृति भी झलकनी चाहिए।
राम जन्मभूमि परिसर में लगाये जा रहे रामायण कालीन वृक्ष
प्राण प्रतिष्ठा को लेकर राम जन्मभूमि परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ट्रस्ट के मुताबिक राम जन्मभूमि परिसर के लगभग 30 एकड़ भूमि को प्राकृतिक वातावरण के लिए तैयार किया जाएगा। जिसमें 44 प्रकार के रामायण कालीन वृक्ष और हरी-भरी घास लगाई जा रही है। 22 जनवरी को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के लोकार्पण के लिए पहुंचेंगे तो सबसे पहले परिसर में स्थापित किए गए जटायु की विशाल प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
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