यूपी में 16 अपराधियों को फांसी, माफिया की अरबों की संपत्ति जब्त, डीजीपी ने उपलब्धियां बताते हुए कहा अलविदा 2023
अमृत विचार लखनऊ। साल 2023 के अंतिम दिन 31 दिसंबर को राज्य के डीजीपी विजय कुमार ने यूपी पुलिस की ओर से हासिल की गई 2023 की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। डीजीपी विजय कुमार कहा कि नववर्ष के आगमन की पावन बेला पर मैं आप सभी तथा आपके परिवारीजनों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। यह वर्ष आप एवं आपके परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि, उल्लास लेकर आये तथा आप सभी स्वस्थ एवं आनन्दित रहें।
16 अपराधिकयों को फांसी, 1906 को मृत्यदंड
डीजीपी ने बताया कि जघन्य अपराधों में लिप्त अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी व उनके विरूद्ध वैज्ञानिक विधि से साक्ष्य संकलन एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचनात्मक तथा अभियोजन विभाग एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से न्यायालय में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यूनतम समय में अधिक से अधिक सजा दिलायी जा रही है। इस अभियान में 1 जुलाई 2023 से अब तक 15 हजार 519 प्रकरणों में 20 हजार 304 व्यक्तियों को सजा दिलायी जा चुकी है, जिनमें 16 व्यक्तियों को मृत्युदण्ड, 1906 व्यक्तियों को आजीवन कारावास, 359 व्यक्तियों को 20 वर्ष से अधिक, 1196 व्यक्तियों को 10 वर्ष से 19 वर्ष तक, 16727 व्यक्तियों को 10 वर्ष से कम की सजा दिलाई जा चुकी है।
अपरेशन त्रिनेत्र चलाकर बढ़ाई गई निगरानी
डीजीपी ने बताया कि प्रदेश की महिलाओं, बालिकाओं, बुजुर्गों, बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र शुरू किया गया है। जिसमें महत्वपूर्ण स्थानों यथा-चौराहा, तिराहा, बैक, स्कूल, कालेज, व्यापारिक प्रतिष्ठान, पेट्रोल पम्प, ग्राहक सेवा केन्द्र, होटल, गेस्ट हाउस, सर्राफा दुकान, धार्मिक स्थल पर आपरेशन त्रिनेत्र के अन्तर्गत सीसीटीवी कैमरो का अधिष्ठापन, संचालन पूरे प्रदेश के सभी थानों में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आपरेशन त्रिनेत्र अभियान के अन्तर्गत अब तक कुल 3 लाख 55 हजार 663 स्थानों पर साढ़े आठ लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरों का अधिष्ठापन कराया जा चुका है। अभियान के दौरान अब तक प्रदेश में अधिष्ठापित सीसीटीवी कैमरों की मदद से 1 हजार 475 घटनाओं का अनावरण किया जा चुका है। जिनमें लूट, डकैती के 220, हत्या के 95, अपहरण के 49, बलात्कार, छेड़खानी 34, चोरी, नकबजनी के 814 व अन्य 263 प्रकरणो में सफलता प्राप्त हुई है।
व्हाट्सऐप चैनल भी लांच किया गया
डीजीपी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिये UP Police नाम से मुख्यालय एवं प्रदेश के समस्त कमिश्नरेट, जनपद स्तर पर व्हाट्सएप चैनल लॉन्च किया गया है। वहीं समयबद्ध एवं त्वरित निस्तारण व प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए Public Grievance Review Portal लॉन्च किया गया है। Public Grievance Review Portalसे मैन्युअली प्राप्त प्रार्थना पत्रों को डिजिटाइज्ड (Digitized) कर, प्रत्येक प्रार्थना पत्र पर समयबद्ध एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
1090 पर 96.18 प्रतिशत समस्याओं का समाधान
वीमेन पावर लाइन 1090 द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के विरूद्ध फोन बुलिंग, फोन स्टाकिंग, मोबाइल द्वारा छेड़खानी, साइबर स्टाकिंग, साइबर लैगिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा जैसे अपराधों को रोकने के उद्देश्य से स्थापित वीमेन पावर लाइन 1090 पर इसी साल 1 जनवरी 2023 से 10 दिसंबर 2023 तक 3,86,059 शिकायतें दर्ज हुई। इसमें अब तक 3,71,315 शिकायतों (96.18 प्रतिशत) का निस्तारण किया गया है। महिला बीट कर्मी द्वारा 01 लाख 13 हजार 180 महिला अपराध की पीड़िताओं से मुलाकात की गयी, 01 लाख 61 हजार 673 पीड़िताओं के परिवारजनों की काउन्सलिंग कर आवश्यक सहायता उपलब्ध करायी गयी, 02 लाख 24 हजार 974 हिस्ट्रीशीटर चेक किये गये तथा 01 लाख 24 हजार 946 न्यायालय सम्बन्धी आदेशों का तामीला कराया गया।
इन पुलिस टीमों को भी सक्रिय किया गया
प्रतिष्ठित एवं महत्वपूर्ण संस्थानों की अभेद्य सुरक्षा प्रबंध हेतु उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF), आपदाओं में राहत पहुंचाने हेतु राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) का गठन किया गया है तथा अवैध मादक पदार्थों के व्यापार / व्यसन की प्रभावी रोकथाम हेतु एण्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स (ANTF) का गठन कर 08 ऑपरेशनल यूनिट व 06 नारकोटिक्स थाने को क्रियाशील किया गया है। इसके अलावा विवेचनाओं की गुणवत्ता में वृद्धि लाने एवं आधुनिकतम तकनीक से दक्ष वैज्ञानिकों को तैयार करने के उद्देश्य से 'उ०प्र० राज्य फॉरेन्सिक विज्ञान संस्थान' की स्थापना लखनऊ में की गयी है। इस संस्था में छात्र व छात्राओं द्वारा बड़ी संख्या में अत्यंत उत्साह के साथ प्रवेश लेकर फॉरेन्सिक विज्ञान की शिक्षा ग्रहण की जा रही है।
साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में भी मिल रही सफलता
साइबर अपराध की रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी जिलों के 75 कमिश्नरेट पर साइबर काइम थाना संचालित है। साइबर अपराध दर्ज कराने हेतु एनसीआरपी पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) हेल्पलाइन नं. 1930 24X7 क्रियाशील है। अब तक शिकायतकर्ताओं की 81 करोड़ रू0 से अधिक की धनराशि फ्रीज एवं तीन करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि बैंक खातों में वापस करायी गयी है। आधुनिकीकरण के तहत् साइबर क्राइम मुख्यालय लखनऊ पर एडवांस साइबर फॉरेंसिक लैब की स्थापना की कार्यवाही प्रचलित है।
गैंगेस्टर अधिनियम कार्रवाई बढ़ाई गई
आपराधिक कृत्य से अर्जित की गयी लगभग 124 अरब चार करोड़ रूपये से अधिक की चल- अचल सम्पत्तियों पर शिकंजा कसते हुये सरकारी जमीन अवमुक्त कराने, अवैध कब्जे के ध्वस्तीकरण एवं जब्तीकरण की कार्यवाही की गयी है। पुलिस द्वारा की गयी वैधानिक आत्मरक्षार्थ कार्यवाही में पाँच लाख रू0 के 2, ढाई लाख रुपये 0 का 01, एक लाख रुपये के 04 एवं 50 हजार रू0 के 03 पुरस्कार घोषित अपराधी गिरफ्तार किये गये हैं। इसके साथ ही प्रदेश के चिन्हित 68 माफिया व उनके गैंग के सदस्यों / सहयोगियों के विरूद्ध अब तक 3758 करोड़ रूपये से अधिक की सम्पत्ति का जब्तीकरण, ध्वस्तीकरण एवं अवैध कब्जे से अवमुक्त की कार्यवाही व चिन्हित माफिया गैंग के 1199 सदस्यों, सहयोगियों के विरूद्ध 713 अभियोग पंजीकृत कर 583 अभियुक्तों की गिरफ्तारी, 249 के विरूद्ध गुण्डा एक्ट, 720 के विरूद्ध गैंगेस्टर एक्ट 18 अभियुक्तों के विरूद्ध एनएसए की कार्यवाही की गयी है।
63 अग्निशमन केन्द्र भी स्वीकृत
राजधानी सहित प्रदेश अलग-अलग जनपदों में जनता की सुरक्षार्थ आग से बचाव के लिए प्रदेश के सभी तहसील स्तर पर अग्निशमन केन्द्र स्थापित किये जाने के सापेक्ष 63 अग्निशमन केन्द्रों की स्वीकृति शासन से हुई। वहीं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाये रखने हेतु प्रदेश के सभी 18 परिक्षेत्रीय स्तर पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण कार्य की कार्यवाही प्रचलित है।
भर्ती प्रक्रिया भी हुई पूरी, बल की बढ़ी संख्या
डीजीपी ने बताया कि विगत एक वर्ष में पुलिस विभाग में 9,114 उपनिरीक्षक, 1,183 लिपिक वर्ग व 1,092 आरक्षी पदों पर भर्तियां की गयी है। वर्ष 2023 में प्रदेश पुलिस के 95 आईपीएस, 146 पीपीएस अधिकारियों को विभिन्न पदों पर पदोन्नतियां, मैट्रिक्स पे लेवल प्रदान किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस कर्मियों को आरक्षी से मुख्य आरक्षी 9642, मुख्य आरक्षी से उपनिरीक्षक 7855, उपनिरीक्षक से निरीक्षक 307, निरीक्षक से पुलिस उपाधीक्षक 117 व लिपिक वर्ग के विभिन्न 130 पदों पर पदोन्नतियां प्रदान की गयी है।
पदक भी मिले पुलिस महकमें को
डीजीपी ने बताया कि पुलिस कार्मिकों द्वारा किये गये उत्कृष्ट, सराहनीय कार्यों के दृष्टिगत वर्ष 2023 में विशिष्ट सेवाओं के लिये राष्ट्रपति का पुलिस पदक (पीपीएम)-05, सराहनीय सेवाओं के लिये पदक-125, गृह मंत्रालय भारत सरकार का अति उत्कृष्ट सेवा पदक-1154, गृह मंत्रालय भारत सरकार का उत्कृष्ट सेवा पदक-941, उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह-85, सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह-408, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक-5 व पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश का प्रशंसा चिन्ह (प्लेटिनम, गोल्ड, सिल्वर)-921 को प्रदान किया गया। इसके अलावा पुलिस परिवार के कल्याणार्थ पुलिस कार्मिकों के पात्र 158 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुलिस शिक्षा निधि से छात्रवृत्ति एकमुश्त धनराशि 60.75 लाख प्रदान की गयी।
इन बड़े आयोजनों में पुलिस की सक्रिय रही भूमिका
विगत एक वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में व्यापक सुदृढ़ एवं त्रुटिरहित सुरक्षा प्रबन्ध के फलस्वरूप महत्वपूर्ण त्यौहार, मेले, जुलूस, अतिविशिष्ट महानुभावों का भ्रमण, राजनैतिक रैलियां, जी-20 सम्मेलन, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, टी-20 अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट, विश्व कप क्रिकेट एवं आईपीएल क्रिकेट आदि सद्भावपूर्ण वातावरण में शांतिपूर्वक सकुशल सम्पन्न कराये गये। इन सब आयोजन में यूपी पुलिस की भूमिका बहुत सक्रिय रही।
डीजीपी ने दिया ये बड़ा संदेश
अंततः मैं यह कहना चाहूंगा कि आमजन के प्रति संवेदनशीलता बनाये रखते हुए उन्हे राहत पहुंचाना हमारी प्राथमिकताओं में सदैव बने रहना चाहिए। नववर्ष की इस बेला पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, मनोयोग एवं ईमानदारी के साथ करेंगे, जिससे पुलिस की छवि जन सहयोगी एवं मित्र पुलिस के रूप में परिलक्षित हो। मुझे आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि आप अपनी कर्तव्यनिष्ठता, ईमानदारी व उत्कृष्ट व्यवसायिक दक्षता से प्रदेश पुलिस का नाम रोशन करेंगे। मैं पुनः आप तथा आपके परिवार को नववर्ष पर अपनी हार्दिक शुभकामनायें देता हूं।
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