रायबरेली: आंदोलन को खत्म कर काम पर लौटे रोडवेज बस चालक, मिली राहत
एआरएम ने कई चरणों में चालकों से की बातचीत, हड़ताल से दो दिन में रोडवेज को हुआ 24 लाख का नुकसान
रायबरेली, अमृत विचार। हिट एंड रन कानून को खिलाफ मोर्चा लेकर आंदोलन पर डटे रोडवेज बस चालक मंगलवार को मान गए। एआरएम द्वारा कई चरणों में बातचीत के बाद नोटिस थमाने के बाद चालक आंदोलन से पीछे हटने को तैयार हो गए। असल में शासन द्वारा हर जिले को डीएम को लैटर भेजकर हड़ताल बंद कराने का निर्देश दिया गया था। जिस पर डीएम की तरफ से एआरएम को निर्देश दे दिए गए। ऐसे में रोडवेज प्रशासन ने किसी तरह चालकों को आंदोलन से वापस लौटने का रास्ता तैयार कर लिया।
हिट एंड रन कानून को लेकर रोडवेज चालकों द्वारा बस स्टॉप पर साल के पहले दिन सोमवार को किया चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जो मंगलवार सुबह तक चला लेकिन एआरएम के समझाने के बाद सुबह 6 बजे से चालक अपनी बसों कों लेकर अपने अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। एक दिन से अधिक रहे चक्का जाम से जहां पहले दिन 14 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है, वहीं दूसरे दिन भी लगभग 10 लाख रुपए की रोडवेज को राजस्व की क्षति हुई है। चालकों द्वारा किये गये चक्का जाम का असर जहां विभाग के राजस्व पर पड़ा है वहीं यात्रियों को भी आने जाने के लिए मुसीबत से गुजरना पड़ा था। मंगलवार सुबह डिपो से बसों का संचालन शुरू हुआ तो मुसाफिरों को राहत मिल पाई।
67 बसों का हुआ संचालन
परिवहन विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर आंदोलित चालकों को मनाने का प्रयास किया जा रहा था जिसमें मंगलवार सुबह एआरएम ने सफलता पाई और चक्का जाम के दूसरे दिन सुबह 6 बजे से बसों का संचालन शुरु हो पाया। मंगलवार कों विभिन्न रूटों पर 95 बसे जानी थी जिनमें 67 बसे ही जा सकीं। जिनमें 16 बसें निगम की थी और 51 अनुबंधित थी।
रायबरेली डिपो से 25 यात्री करते हैं सफर
रायबरेली डिपो से संचालित होने वाली रोडवेज की बसों पर 25 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते है जिससे विभाग कों भी मुनाफा होता है। वही सोमवार सुबह से ही चालकों द्वारा की गई हड़ताल से बसों में सफर करने वालों को मायूसी झेलनी पड़ी और कई लोग बिना सफर के ही अपने घरो को लौट गये।
चालकों से वार्ता कर उन्हें काम पर लौटने की बात कही गईं थी जिसके तहत बसों का संचालन शुरू कराया गया है। सोमवार को भी बस चालकों को समझाने का प्रयास किया गया था। हालांकि अभी सभी बसें नहीं निकल सकीं हैं लेकिन रात तक हर रूट की बस चली जाएगी...,एमएल केसरवानी, एआरएम रोडवेज।
रेल कोच के प्राइवेट चालकों ने किया धरना प्रदर्शन
लालगंज, रायबरेली।भारत सरकार द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए संशोधन से नाराज चालकों ने मगंलवार की सुबह से रेल कोच फैक्ट्री के सामने एनएच 232 को जाम कर प्रदर्शन किया । हड़ताल के चलते रेल कोच के अधिकारियों को पैदल ऑफिस जाना पड़ा। वहीं बस चालकों की हड़ताल के कारण यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। लालगंज से होकर करीब 50 बसों का संचालन होता है। हजारों की संख्या में यात्री प्रत्येक दिन सफर करते हैं। चक्का जाम होने से यात्रियों में अफरातफरी का माहौल देखने को मिल रहा है।
रेल कोच में काम करने वाले ड्राइवर बोले- यह काला कानून है। सरकार वापस ले अन्यथा हम लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। मंगलवार की सुबह चालकों ने रेल कोच फैक्ट्री गेट के पास धरना प्रदर्शन किया जिसकी सूचना प्रशासन को लगते ही प्रशासनिक हमले में हड़कंप मच गया तत्काल मौके पर पहुंचकर पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर प्रदर्शन बंद करवाया । चालकों का कहना है कि जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेगी तब तक हम लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहेंगे।
यह भी पढ़ें:-स्कूली वैन में लगवाना होगा CCTV कैमरा, तीन महीने का मिला समय, सरकार के इस कदम की अभिभावकों ने की सराहना
