अमेठी : मुफ्त के राशन से भूख मिटा रहे प्रधान और प्रमुख

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Edited By Amrit Vichar
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सत्यापन में बरती गई घोर लापरवाही, अपात्रों पर राहमोकरम रहा बरकरार

अमेठी, अमृत विचार। चुनाव में जीत के लिए सबकुछ दांव पर लगा दिया। लाखों रुपये पानी की तरह बहाया। इसमें कुछ सफल हुए तो कइयों को शिकस्त मिली। चुनाव जीतकर जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख और प्रधान बने। ये पंचायत प्रतिनिधि सरकारी राशन का मोह नहीं छोड़ रहे। यह बात दीगर है कि इनके हस्ताक्षर मात्र से गांवों में विकास की गंगा बहने लगी है। लाखों के बिलों पर अंतिम मुहर लगाते हैं। हकीकत पूर्ति विभाग के अफसर भी जानते हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय मुंह फेर लेते हैं। इनकी नींद तब टूटती है, जब गांव का विपक्षी शिकायत करता है।


पंचायत चुनाव में सिर पर ब्लाक प्रमुख का ताज सजा। करोड़ों के विकास कार्य इन्हीं के आदेश से हो रहे हैं। इसके बावजूद इन्हें गरीबों के लिए आने वाला अनाज लेना पड़ रहा है। बात हो रही है बहादुरपुर ब्लाक प्रमुख चंद्रकली की। इनके नाम पात्र गृहस्थी योजना के तहत कार्ड बना है। इस कारण हर महीने मुफ्त का राशन भी मिल रहा। इसी तरह सैकड़ों ग्राम प्रधान ऐसे है, उन्हें भी पात्र गृहस्थी का लाभ मिल रहा है।  हालांकि, इन लोगों का कहना है कि गरीब होने के कारण कार्ड बना था। गरीबों को सस्ता राशन उपलब्ध कराने की सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन वितरण का काम वर्षो बाद भी बेपटरी है। भले ही योजना के लागू होने के पहले से ही पात्रता सूची के दुरुस्त होने का दावा किया जा रहा है। लेकिन हकीकत में वास्तविक पात्रों के सत्यापन का काम पूरा होने के बाद भी अपात्रों पर रहमोकरम बरकरार है। इसके चलते सही पात्र लाभार्थी के आवेदन आपूर्ति विभाग के कार्यालयों में धूल फांक रहे हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए सरकार ने बीपीएल व अंत्योदय श्रेणी के लाभार्थियों को बेहद सस्ती दरों पर खाद्यान्न व अन्य वस्तुएं उपलब्ध कराने की योजना लागू की है। योजना के तहत प्रत्येक राशनकार्ड पर प्रति यूनिट पांच किलो ग्राम खाद्यान्न सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। कोटे की दुकान पर एपीएल, बीपीएल व अंत्योदय श्रेणी के आधार पर राशन का वितरण किया जा रहा है। पहले आधी अधूरी तैयारी के साथ शुरू की गई खाद्य सुरक्षा योजना में पात्रों की सूची में गड़बड़ियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ था। कभी कोटेदारों के माध्यम से तो कभी ग्राम प्रधानों के माध्यम से पात्रता सूची तैयार करने की कवायद आपूर्ति विभाग द्वारा की गई थी। 

खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पात्रता सूची में नाम शामिल न होने को लेकर आए दिन ग्रामीण जिला व तहसील मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करके अपना विरोध जताते रहे हैं। जब सामाजिक संगठन अपात्रों को पात्र गृहस्थी से नाम हटाये जाने को लेकर धरना प्रदर्शन करते हैं, तो उस दौरान जिम्मेदारों से पात्र गृहस्थी से अपात्रों का नाम हटाकर पात्र लोगों का नाम शामिल करने का निर्देश दे दिया जाता है। उसके बाद जांच के नाम पर फिर से ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। कुछ प्रधानों के पास चार पहिया वाहन से लेकर ट्रैक्टर, ट्रक तक मौजूद है। फिर भी पात्र गृहस्थी का लाभ ले रहे हैं।


टाउन क्षेत्र पात्र गृहस्थी
अमेठी
राशन कार्ड-1808   
लाभार्थी- 8363

जायस
राशन कार्ड-3677
लाभार्थी-16886

मुसाफिरखाना
राशन कार्ड-975
लाभार्थी- 4332

टाउन क्षेत्र अंत्योदय
अमेठी
राशन कार्ड- 152
लाभार्थी-528

जायस
राशन कार्ड-134
लाभार्थी-362

मुसाफिरखाना
राशन कार्ड-116
लाभार्थी-444

ग्रामीण क्षेत्र पात्र गृहस्थी
राशन कार्ड-268687
लाभार्थी-1175436

ग्रामीण क्षेत्र अंत्योदय
राशन कार्ड-69966
लाभार्थी- 252053

वर्जन- 
निर्वाचित सदस्यों का निर्वाचन से पहले पात्र गृहस्थी में नाम रहा होगा, जांच कराई जाएगी, किसी भी अपात्र लाभार्थी को सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। -नीलेश उत्पल डीएसओ अमेठी

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