कोविड नियंत्रण के लिए लखनऊ, कानपुर और मेरठ में बने विशेष रणनीति: योगी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद लखनऊ, कानपुर नगर और मेरठ में कोविड-19 के सम्बन्ध में विशेष रणनीति बनाकर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग और सर्विलांस जितना सुदृढ़ होगा, …

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद लखनऊ, कानपुर नगर और मेरठ में कोविड-19 के सम्बन्ध में विशेष रणनीति बनाकर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि टेस्टिंग और सर्विलांस जितना सुदृढ़ होगा, कोरोना के प्रसार को रोकने में उतनी ही अधिक सफलता मिलेगी। योगी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि माइक्रो कन्टेनमेन्ट जोन, टेस्टिंग और सर्विलांस के सम्बन्ध में निरन्तर फीडबैक लेते हुए उचित कार्रवाई करें। कोविड की रोकथाम के लिए लखनऊ , कानपुर नगर व मेरठ के लिए विशेष रणनीति बनाई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर को नियंत्रित करने में सफलता मिली है। पिछले एक सप्ताह में सक्रिय कोरोना के मामलों की संख्या में काफी कमी आई है, यह एक अच्छा संकेत है और ये दर्शाता है कि राज्य सरकार की कोविड-19 के प्रति अपनाई गई रणनीति कारगर रही है। कोविड-19 नियंत्रण सम्बन्धी कार्य सक्रियता के साथ निरन्तर जारी रखें जाएं। उन्होंने फोकस्ड टेस्टिंग किए जाने पर बल देते हुए कहा कि कोविड बेड्स की संख्या में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत कोविड-19 के सम्बन्ध में पूरी सतर्कता व बचाव के उपाय अपनाते हुए कार्य संचालित किए जाएं। महत्वपूर्ण चौराहों व स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से कोविड-19 के सम्बन्ध में जागरूकता फैलाने का काम प्रभावी रूप से किया जाए। निगरानी समितियों को कार्यशील रखा जाए। कोविड हेल्प डेस्क सभी अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, सरकारी कार्यालयों में निरन्तर कार्यशील रहें।

प्रत्येक जनपद में इंटीग्रेटेड कमांड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर को सुदृढ़ करते हुए, उन्हें प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। योगी ने कहा कि अनलॉक व्यवस्था के तहत औद्योगिक विकास और गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। इन्वेस्टर्स समिट के दौरान और उसके बाद प्रदेश में निवेश के इच्छुक उद्यमियों और निवेशकों से निरन्तर संवाद रखा जाए।

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