शाहजहांपुर: कुछ अतिक्रमण तोड़कर खामोश हो गया निगम का बुलडोजर, नाले पर अब भी खड़े कई अवैध भवन

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Edited By Amrit Vichar
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शाहजहांपुर, अमृत विचार: लोधीपुर में नगर निगम का बुलडोजर नाले के ऊपर से कुछ अतिक्रमण तोड़कर ही खामोश हो गया है। अभियान कई दिन चलना था, कई अन्य  निर्माण भी तोड़े जाने थे, लेकिन केवल खानापूर्ति कर अभियान को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। अब नगर निगम के अधिकारी भी खामोश हो गए हैं। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। दो साल से रुका नाले का निर्माण अब भी अधूरा पड़ा है। 

हथौड़ा चौराहे से लोधीपुर तक नाले का निर्माण दीन दयाल उपाध्याय शहरी योजना के तहत होना है। नेव इंस्टीट्यूट तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन लोधीपुर में लोगों ने नाले पर अवैध कब्जा कर दुकान व मकान बना लिया है। जिससे नाले का काम लगभग दो साल से रुका है। निर्माण रुकने के बाद नगर निगम की ओर से तीन माह पहले सभी को अपना अतिक्रमण स्वयं हटाने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने खुद अपना अतिक्रमण नहीं हटाया। 

दस दिसंबर की दोपहर नगर निगम के अधिशासी अभियंता आशीष त्रिवेदी, सीओ सदर अमित चौरसिया, थाना प्रभारी राजीव कुमार व अन्य अधिकारी भारी फोर्स के साथ लोधीपुर पहुंचे। टीम ने एक-एक कर अतिक्रमण तोड़ना शुरू कर दिया। जिस पर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए।

स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण हटाने का विरोध किया, लेकिन टीम ने किसी की नहीं सुनी और लगभग 30 अवैध निर्माण तोड़ डाले। शाम लगभग साढ़े चार बजे पुलिस, प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने आपस में चर्चा करने के बाद दस से ज्यादा भवन स्वामियों को अपना अतिक्रमण स्वयं हटा लेने का मौका दिया था। इन्हें दो दिन का समय दिया गया था। 

अतिक्रमणकारियों को दो दिन में अपना कब्जा हटाना था, लेकिन आज 25 दिन बीतने के बाद भी अतिक्रमण टस से मस नहीं हुआ है। अतिक्रमण कर बनाए गए भवन ज्यो का त्यो खड़े हैं। नगर निगम के अधिकारी इस संबध में कुछ भी कहने का तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि नगर निगम की टीम दो दिन का समय देने के बाद 13 तारीख से अतिक्रमण दोबारा तोड़ने की तैयारी कर रही थी, लेकिन इसी बीच ऊपर से आए एक फोन ने अधिकारियों की रणनीति बदल दी।

फोन करने वाले व्यक्ति का कद इतना बड़ा था कि अधिकारी अतिक्रमण प्रकरण को ही भूल गए। उन्हें यह भी याद नहीं है कि दो साल से रुके नाले का निर्माण पूरा भी कराया जाना है। अधिशासी अभियंता आशीष त्रिवेदी का कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई नगर निगम की ओर से लगातार की जा रही है और आगे भी जारी रहेगी।

दो साल से नहीं बन पा रहा नाला
लोधीपुर में दो साल से नाला अवैध कब्जों के चलते नहीं बन पा रहा है। लोगों ने नाले पर कब्जा कर अपनी दुकानें और घर बना लिए हैं। नाले पर ऊंचे-ऊंचे घर और दुकानें खड़ी हैं। बिना इन्हें हटाए नाला नहीं बन सकता और इन्हें हटा पाना संभव नहीं हो पा रहा है। अब यह सवाल पैदा हो गया है कि आखिर नाला कैसे बनेगा।

नाला न बना होने के चलते पानी का निकास नहीं हो पाता है और बारिश के दिनों में लोधीपुर सहित कई मोहल्ले के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा हथौड़ा चौराहे की तरफ जाने वाले सभी राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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