शाहजहांपुर: दूसरे दिन भी हड़ताल पर चालक, विकराल हुए और हालात
शाहजहांपुर, अमृत विचार: हिट एंड रन के नए कानून के विरोघ में रोडवेज अनुबंधित बस संविदा चालक और ट्रक चालकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही और वाहनों के पहिये रुके रहे। इस दौरान अनुबंधित बस चालकों ने बस अड्डे पर प्रदर्शन करके सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इधर एक दिन की हड़ताल से 17 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है। दूरदराज जाने वालों के लिए कोई साधन नहीं होने पर हा-हाकार मचा रहा।

बाजार में बाहर से सब्जी की सप्लाई बंद हो गई है, जिसके चलते सब्जियों के दाम बढ़ने लगे हैं। दिन भर यात्री पैदल ही इधर-उधर भटकते रहे। हड़ताल से कोरोनाकाल की यादें ताजा कर दी हैं। लोग अपना सामान हाथ में लेकर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बसों के पहिए रुकने से ट्रेनों पर दबाव बढ़ गया है। ट्रेनों में चढ़ने के लिए भारी मारामारी देखने को मिल रही है। स्लीपर कोच के हालात जनरल डिब्बे जैसे दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय डिपो के अनुबंधित बस के 199 संविदा चालक केंद्र सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना पर सात लाख रुपये जुर्माना और दस साल की सजा को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। संविदा चालकों ने बस अड्डे पर सरकार के विरोध में नारेबाजी की ओर काला कानून वापस लिया। चालकों ने कहा कि सरकार काला कानून वापस नहीं लेती है तो चक्का जाम हड़ताल जारी रहेगी। पुवायां, बडा, खुटार, गोला, सीतापुर, मैगलगंज, जलालाबाद, फर्रुखााबाद जाने वाले लोग बस अड्डे पर जाने के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
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गतव्य स्थान पर जाने के लिए कोई साधन न होने पर हा-हाकार मचा हुआ था। लोग बस अड्डे और टैक्सी स्टैंड पर इधर-उधर भटकते रहे। लोग जमघटन लगाकर खड़े हुए थे कि जाने के लिए कोई साधन मिल जाए। इतना ही नहीं टैंपो और मैजिक तक नहीं चली। मैजिक और र्टंपो चालक भी चक्का जाम हड़ताल पर रहे। रुपौडिया से दिल्ली जाने वाली एक बस दोपरह 12 बजे आई तो संविदा चालकों ने कहा सभी चालक हड़ताल पर है।
चालक ने डर के कारण बीस सवारियों उतारकर बस अड्डे पर बस खड़ी कर दी। सवारियों उतकर रेलवे स्टेशन चली गई। एआरएम आरएस पांडे दोपहर तक बस अड्डे पर जमे रहे और चालकों से कह रहे थे कि अभी यह निमय लागू नहीं हुआ है। वह लोगों से अनुरोध कर रहे थे कि बसों का संचालन किया जाए। लेकिन संविदा चालक हड़ताल पर डटे रहे। अनुबंधित बस मालिकों ने बसों को शहीद द्वार में खड़ा कर दिया है।

एक दिन की हड़ताल को लेकर डिपों के राजस्व पर फर्क पड़ा है। 31 दिसंबर को डिपो की 26 लाख 70 हजार रुपये थी और नए साल में एक जनवरी को आय 9 लाख पांच हजार रपये थी। इस दौरान डिपो को करीब 17 लाख रुपये का राजस्व का नुकसान हुआ है। इधर ट्रक चालक भी दूसरे दिन हड़ताल पर रहे है।
चालकों ने स्टेट हाइवे पर ट्रकों को इधर-उधर खड़ा कर दिया। ट्रक चालकों का कहना है कि जब तक सरकार काला कानून वापस नहीं लेगी हड़ताल जारी रहेगी। जिला प्रशासन ने गतव्य स्थान पर पहुंचाने के लिए लोगों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।
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