Shahjahanpur News : मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु नर्सों से सरेआम मारपीट और अभद्रता, कार में खींचने का प्रयास, 20 पर FIR
शाहजहांपुर, अमृत विचार। शाहजहांपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ चौक कोतवाली क्षेत्र स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु नर्सों के साथ जमकर मारपीट, अभद्रता और तोड़फोड़ की गई। मनबढ़ तीमारदारों ने न सिर्फ नर्सों को पीटा, बल्कि एक नर्स को जबरन कार में खींचने का भी प्रयास किया। इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसपी सौरभ दीक्षित ने दर्ज प्राथमिकी के हवाले से बताया कि मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में मरीज लता सिंह भर्ती थीं। इसी दौरान मरीज के परिजनों को शक हुआ कि एक प्रशिक्षु नर्स उनका वीडियो बना रही है। इसी मामूली सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि परिजनों ने प्रशिक्षु नर्स के बाल पकड़कर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आईं अन्य नर्सों के साथ भी हाथापाई की गई।
बाहर से बुलाए गए गुंडे, की गई अश्लील हरकतें
आरोप है कि विवाद के बाद मरीज के परिजनों ने फोन करके अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। हमलावरों ने:
डायलिसिस यूनिट में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की।
नर्सों को केबिन से बाहर निकालकर पीटा।
एक प्रशिक्षु नर्स को जबरन कार में बैठाकर ले जाने (अपहरण) का प्रयास किया।
शिकायत में यह भी आरोप है कि महिला नर्सों के साथ अशोभनीय हरकत की गई और उन्हें गलत तरीके से छुआ गया।
भाजपा विधायक से जुड़ रहे तार, मेयर से मिलीं पीड़ित नर्सें
घटना के बाद से दहशत में आईं पीड़ित प्रशिक्षु नर्सें रविवार शाम शाहजहांपुर की महापौर अर्चना वर्मा से मिलीं और सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जान को खतरा है और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इसी बीच एक पीड़ित नर्स का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह हमलावरों को ददरौल क्षेत्र के एक भाजपा विधायक का करीबी बता रही है। हालांकि, ददरौल से भाजपा विधायक अरविंद सिंह ने इस पूरे मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने नामजद आरोपी अभय प्रताप सिंह, विजय प्रताप सिंह और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 115(2), 352, 351(3), 324(4) और 74 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है।
