'पीएम मोदी माफी मांगें और इस्तीफा दें, अमित शाह भी पद छोड़ें', राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी दलों के कई नेताओं ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग का मुद्दा उठाया। विपक्षी नेताओं ने छात्रों के खिलाफ सोमवार को हुई कार्रवाई को लेकर सदन में चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया।
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सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में पहुंचा और अपनी मांग रखी। इस दौरान समाजवादी पार्टी (सपा), वाम दलों, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और अन्य विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद रहे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए और पद से इस्तीफा देना चाहिए। राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से यह भी कहा छात्रों की पिटाई के लिए गृह मंत्री अमित शाह को भी त्यागपत्र देना चाहिए। इससे पहले, उन्होंने कई विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा कराने की मांग की।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने बिरला से मुलाकात कर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने का अनुरोध किया था, लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि चर्चा के लिए उन्हें सरकार से पूछना पड़ेगा। उन्होंने कहा, ''दूसरे शब्दों में, लोकसभा अध्यक्ष कह रहे हैं कि संसद में बहस कराने के लिए उन्हें सरकार की अनुमति चाहिए। यह मुद्दा छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।''
मारपीट और बल प्रयोग गलत
राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित मारपीट और बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार ''पूरी तरह गैर-भारतीय'' है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल हुई घटना के लिए अब तक माफी तक नहीं मांगी है। राहुल गांधी ने कहा कि ये युवा शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और पूरा देश जानता है कि शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली ''चरमरा चुकी है''। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली को ''दीमकों ने खोखला कर दिया है।'' उन्होंने कहा, ''छात्र केवल यही कह रहे हैं कि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को ठीक किया जाए। देश के युवाओं के साथ इस तरह व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है।''
छात्र अपना भविष्य खो देते हैं और मंत्री अपनी सीट नहीं खोते
राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के लिए अवसर नहीं हैं और उनके सामने सभी दरवाजे बंद हैं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं का दरवाजा खुला था, लेकिन यह व्यवस्था भी ''बर्बाद'' कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की शिकायत केवल शिक्षा प्रणाली को लेकर नहीं है, बल्कि उनके भविष्य को लेकर भी है। राहुल गांधी के अनुसार, छात्रों को लगता है कि शिक्षा व्यवस्था पर ''अंबानी और अदाणी तथा आरएसएस का पूरी तरह कब्जा'' हो गया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा युवाओं के भविष्य से जुड़ा है और शिक्षा से कहीं बड़ा है।
राहुल गांधी ने कहा, ''भारत के छात्र कह रहे हैं कि भारत में उनका कोई भविष्य नहीं है। यह एक जायज मुद्दा है।'' उन्होंने कहा, ''धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही चाहिए, लेकिन प्रधान ने छात्रों को नहीं पीटा है। गृह मंत्री ने पीटा है, उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। गृह मंत्री प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं, उन्हें भी इस्तीफा देना चाहिए।'' कांग्रेस नेता ने बाद में 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''देश का छात्र कह रहा है -हमारा कोई भविष्य नहीं। और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि हमारी कुर्सी नहीं जाएगी। जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए, वहां न्याय है ही नहीं।
विपक्षी नेताओं ने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। बताया गया कि सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में जुटे युवाओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया था।
विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले को सदन में उठाने का अवसर देने की मांग की। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दल सरकार से जवाब की मांग कर रहे हैं।
