अयोध्या: लोगों को मंदिर की संरचना व विशेषताओं से रू-ब-रू करा रहा ट्रस्ट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

प्राण-प्रतिष्ठा के दिन मंदिरों में भजन-कीर्तन व दीप मलाएं सजाने का किया जा रहा आह्वान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से बांटा रहा पत्रक, राम मंदिर का चित्र

अयोध्या, अमृत विचार। 22 जनवरी को होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दिन लोगों को मंदिरों भजन-कीर्तन करने व शाम को घरों को दीप मलाएं सजाकर आनंदोत्सव मनाने के साथ रामलला के पूजित अक्षत का वितरण शुरू हो गया है। अक्षत वितरण के साथ लोगों को राम मंदिर की तस्वीर भी दी जा रही है। इसके अलावा ट्रस्ट मंदिर की विशेषताओं के साथ उसकी संरचना से भी रू-ब-रू करा रहा है। इसको लेकर ट्रस्ट ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स भी जानकारी साझा की है।  

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से वितरण की किए जा रहे निवेदन पत्रक में लोगों से आह्वान किया जा रहा है कि प्राण-प्रतिष्ठा के दिन अयोध्या में अभूतपूर्व आनंद का वातारण होगा। इस दिन जनमानस सुबह 11 बजे से अपराह्न एक बजे के बीच अपने आस-पड़ोस के मंदिरों में एकत्र होकर शंखध्वनि, घंटा-घड़ियाल बजाकर भजन-कीर्तन करें और प्रसाद का वितरण करें। साथ ही शाम को मंदिरों व घरों दीपोत्सव मनाएं। 

रामरक्षा स्त्रोत व सुंदरकांड का करें सामुहिक पाठ 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट प्राण-प्रतिष्ठा के दिन वातारण को राममय करने के लिए लोगों से मंदिरों में एकत्र होकर ‘श्रीराम जय राम, जय-जय राम’ विजय महामंत्र का जाप व हनुमान चालीसा, सुंदरकांड व रामरक्षा स्त्रोत का सामूहिक पाठ करने का आह्वान किया है। ट्रस्ट की अपील है कि प्राण-प्रतिष्ठा के बाद लोग मंदिर में दर्शन-पूजन करने के लिए आएं। 

वितरण किए जा रहे पत्रक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने लोगों मंदिर निर्माण के संरचना व उसकी विशेषताओं की जानकारी भी दे रहा है। तीन मंजिला राम मंदिर की विशेषताओं पर एक नजर.....

  1. मंदिर परंपरागत नागर शैली में निर्मित 
  2. मंदिर की लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट व ऊंचाई 161 फीट
  3. प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट
  4. मंदिर में 392 खम्भे, 44 दरवाजे
  5. भूतल गर्भगृह में बाल रूप में श्रीरामलला का विग्रह, प्रथम तल के गर्भगृह में श्रीराम दरबार
  6. मंदिर में पांच मंडप- नृत्य मंडप, रंग मंडप, गूढ़ मंडप, प्रार्थना मंडप व कीर्तन मंडप
  7. खम्भों और दीवारों पर देवी-देवताओं तथा देवांगनाओं की मूर्तियां
  8. प्रवेश पूर्व से 32 सीढ़ियां चढ़कर सिंहद्वार से होगा
  9. दिव्यांगजनों व वृद्धों के लिए रहेगी रैम्प व लिफ्ट की व्यवस्था
  10. चारों ओर आयताकार परकोट के प्रकार - लंबाई 732 मीटर, चौड़ाई 4.25 मीटर
  11. परकोटा के चारों कोनों पर भगवान सूर्य, शंकरजी, गणपति, देवी भगवती, परकोटे के दक्षिणी भुजा में हनुमान एवं उत्तरी भुजा में अन्नपूर्णा का मंदिर है। 
  12. मंदिर के समीप पौराणिक काल का सीताकूप
  13.  जन्मभूमि परिसर में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वसिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज गुह, माता शबरी व देवी अहिल्या का भी बनेगा मंदिर
  14. परिसर के दक्षिणी-पश्चिमी भाग में नवरत्व कुबेर टीले पर स्थित शिव मंदिर व जटायु राज की प्रतिमा भी रहेगी।

यह भी पढ़ें:-अयोध्या: प्राण प्रतिष्ठा को लेकर एक और सीओ ट्रैफिक तैनात, येलो जोन प्रभारी भी नियुक्त

संबंधित समाचार