Kannauj: जमींदोज हुआ हिस्ट्रीशीटर मुनुआं का बंकरनुमा मकान, दीवारों में बनाए छेदों से हुई फायरिंग...
कन्नौज में हिस्ट्रीशीटर मुनुआं का मकान जमींदोज कर दिया गया है।
कन्नौज में 25 दिसंबर को पुलिस से मुठभेड़ में सिपाही की हत्या करने के आरोपी हिस्ट्रीशीटर मुनुआं का मकान ध्वस्त कर दिया गया है। करीब सवा तीन घंटे चली कार्रवाई में मकान मलबे के ढेर में बदल चुका है।
कन्नौज, अमृतविचार। विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के धरनीधीर पुर नगरिया में 25 दिसंबर को पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक सिपाही की हत्या के नौ दिन बाद पुलिस ने आरोपी का किलेनुमा बना मकान धराशाई कर दिया। करीब सवा तीन घंटे चली कार्रवाई में सार्वजनिक रास्ते पर बना हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआं का मकान मलबे के ढेर में बदल गया। इस दौरान एसडीएम, एएसपी, सीओ के अलावा प्रशासनिक अधिकारी तथा कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद रही।

बता दें कि 25 दिसंबर 2023 को थाना बिशुनगढ़ व छिबरामऊ की संयुक्त टीम क्षेत्र के ग्राम धरनीधरपुर नगरिया में हिस्ट्रीशीटर अशोक उर्फ मनुआं यादव पुत्र राम नरेश यादव के विरुद्ध न्यायालय से जारी गैरजमानती वारंट लेकर उसे गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी। इस दौरान अपराधी व उसके परिजनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की।
मुठभेड़ के समय हिस्ट्रीशीटर के बेटे अभय यादव उर्फ टिंकू ने सिपाही सचिन राठी को निशाना बनाकर गोली मार दी थी। गोली उसकी जांघ में लगकर आरपार हो गई थी। गंभीर रूप से घायल सिपाही को कानपुर के रीजेंसी अस्पताल अस्पताल पहुंचाया गया। यहां इलाज के दौरान 25 दिसंबर की ही देर रात उसकी मौत हो गई थी। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से मुनुआं व उसका पुत्र टिंकू भी घायल हुए थे। दोनों को पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था जहां से तीन दिन पहले उन्हें जेल भेज दिया गया।

इधर, सिपाही की शहादत के बाद से पुलिस का शिकंजा अपराधी पर और कस गया। घटना के दूसरे दिन ही राजस्व टीम ने पहुंचकर मकान की पैमाइश कर जांच की। वहीं पुलिस की फील्ड यूनिट ने भी लगातार चार दिन मौके पर जाकर साक्ष्य संकलित किए।
इस दौरान पाया गया कि ग्राम सभा के गांटा संख्या 578 के क्षेत्रफल .0080 हेक्टेयर पर अशोक यादव उर्फ मुनुआं यादव ने तीन मंजिला मकान बनवाया था। गांव सभा की जमीन पर बने मकान को अवैध बताते हुए एसडीएम उमाकांत तिवारी ने धारा 133 सीआरपीसी की कार्रवाई करते हुए दो जनवरी को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था।
तहसीलदार अनुभव कुमार ने भी धारा 67 सीआरपीसी के तहत बेदखली की कार्रवाई की थी। मुनुआं के अधिवक्ता अभिषेक द्विवेदी और रत्नेश यादव ने आपत्ति दाखिल की थी। विपक्षी अधिवक्ता के तर्कों व राजस्व टीम की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के निरीक्षण के बाद पाया गया कि मुनुआं का मकान राजस्व अभिलेखों में सेक्टर मार्ग में दर्ज है।

बुधवार को मकान को गिराने और इसे ध्वस्त करने में अनुमानित कीमत पर पांच प्रतिशत क्षतिपूर्ति का फरमान सुनाते हुए 15 दिनों के अंदर 40 हजार रुपये राजस्व न्यायालय में जमा कराने का फरमान सुनाया गया था। बेदखली की कार्रवाई के दौरान उसके घर से फूटी कौड़ी तक नहीं मिली।
आतंक फैलाने को बनाया था किलेनुमा मकान : एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक संसार सिंह ने कार्रवाई पूरी होने पर कहा कि सिपाही की हत्या के बाद पुलिस ने धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी के काले साम्राज्य का चिट्ठा खंगाला। इसमें अशोक पर 26 मुकदमे विचाराधीन पाए। उसने लोगों को डराने धमकाने के लिए बीच खेत में मकान बनाया था। इसकी दीवारों में छेद बनाए गए थे जहां से फायरिंग की जाती थी। घटना वाले दिन भी इन्हीं से गोलीबारी की गई। सारी कानूनी प्रक्रिया को पूरी करते हुए मकान को गिराया गया है। बताया कि अपराधी की संपत्ति आगरा में होने की सूचना है। इसकी पड़ताल की जा रही है।
उच्च अधिकारियों सहित पुलिस व पीएसी बल रहा तैनात
कार्रवाई के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक संसार सिंह, एसडीएम उमाकांत तिवारी, तहसीलदार अनुभव कुमार, छिबरामऊ कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह, विशुनगढ़ थाना प्रभारी पारुल चौधरी सहित बड़ी संख्या में कई थानों के प्रभारी व पुलिस, पीएसी फोर्स के साथ फायर ब्रिगेड की टीम मौजूद रही। मौके से कुछ दूरी पर कई गांव के ग्रामीण सारी प्रक्रिया को देखते रहे।
सवा तीन घंटे में मलबे में बदला तिमंजिला घर
आतंक फैलाने के उद्देश्य से बनाया गया सीसीटीवी कैमरों से लैस तीन मंजिला मकान पुलिस व प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में करीब सवा तीन घंटे में मलबे के ढेर में बदल गया। इस काम में दो जेसीबी तथा एक पोकलैंड मशीन लगाई गई। इस दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस का वज्र वाहन तथा दमकल की गाड़ी भी मौजूद रहीं। कार्रवाई के दौरान मकान के इदगिर्द भारी पुलिस लगाई गई थी।
मिनट टू मिनट हुई कार्रवाई
सुबह 8.26 बजे दो जेसीबी पहुंचीं
9.00 बजे पोकलैंड मशीन पहुंची
10.05 बजे एसडीएम व सीओ पहुंचे
10.35 बजे प्रथम गेट किया गया ध्वस्त
10.56 बजे दूसरा गेट गिराया गया
11 बजे पीछे का हिस्सा तोड़ा गया
11.08 बजे मुख्य गेट के दोनों शेर मशीन से तोड़े
11.26 बजे भवन का ऊपरी हिस्सा गिराया गया
11.39 बजे मशीन से पूरी इमारत गिराई
11.46 बजे मशीन वापस हुई
