बरेली: अभी गड्ढों वाली सड़कों पर चलना होगा, सर्दी में फरवरी तक नहीं बनेंगी डामर की सड़कें
अफसर बोले, केवल सीसी रोड पर रहेगा जोर, ठंड में इजाफा देख लिया गया फैसला
बरेली, अमृत विचार। सर्दी की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें अब दो महीने तक गड्ढा मुक्त नहीं हो सकेंगी। जिले में फरवरी तक डामर की सड़क बनाने पर रोकर लगा दी गई है, अब सिर्फ सीसी रोड ही बनेंगी। अफसरों की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ेगा।
अफसरों का कहना है कि ठंड में इजाफा देख यह फैसला लिया गया है। सर्दियों में 14 डिग्री से कम तापमान तारकोल के लिए उपयुक्त नहीं होता है। ठंड में बनी सड़क जल्द ही बिखर जाती है। इसलिए अब दूसरे कामों पर जोर रहेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से जिले में 150 से अधिक सड़कों की विशेष मरम्मत कराने लिए पिछले महीने टेंडर निकाले जा चुके हैं। इसके अलावा भोजीपुरा-अगरास मार्ग, भुता-फरीदपुर मार्ग, बल्लिया-शीशगढ़ मार्ग समेत कई मार्ग ऐसे हैं जिनका चौड़ीकरण होना है। यह सभी 25 से 50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़के हैं। इनमें कई पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा नकटिया में मोहनपुर रोड समेत कई सड़कों की भी मरम्मत होनी है। इन्हें उधेड़कर छोड़ दिया गया है। ऐसे में
यहां के लोगों को भी अभी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
विभागीय कर्मी बताते हैं कि नए साल के शुरू होने के साथ ही ठंड बढ़ गई है। इसकी वजह से पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सभी अभियंताओं और ठेकेदारों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि ठंड में डामर की सड़क बनाने से बचा जाए। ऐसे में डामर की परत डालने के बजाए मिट्टी और गिट्टी आदि के काम निपटाने के लिए कहा गया है। फरवरी के अंत तक डामर की सड़कों का निर्माण नहीं होगा।
केवल सीसी के निर्माण पर रहेगा जोर
पीडब्ल्यूडी और अन्य निर्माण संस्थाएं सीसी रोड का भी निर्माण करती हैं। सीसी रोड का निर्माण डामर की सड़क के बीच में उस जगह होता है, जहां जलभराव और आबादी होती है। इसलिए अब सर्दी में सीसी सड़क के निर्माण पर जोर रहेगा। सीमेंट से बनने वाली सड़क के लिए सर्दी का मौसम लाभकारी होता है, जबकि इस बीच कोलतार से बनाई सड़क कुछ समय बाद ही उखड़ने लगती है।
बड़ी परियोजनाओं पर नहीं पड़ेगा कोई फर्क
अफसरों के मुताबिक जिले में फोरलेन के लिए स्वीकृत बल्लिया-शीशगढ़-बहेड़ी-रुद्रपुर, भमोरा-शाहबाद मार्ग, भुता-फरीदपुर मार्ग के लिए शासन से पिछले साल ही बजट मिला है। इनमें किसी सड़कों को पूरा करने के लिए पांच महीने तो किसी को आठ से नौ महीने का समय निर्धारित है। सर्दी के मौसम में सड़क चौड़ीकरण से पहले कई तरह के कार्य किए जाते हैं। इसमें सड़कों की दोनों तरफ खुदाई से लेकर मिट्टी हटाने, गिट्टी बिछाने समेत कई कार्य ऐसे हैं जिसमें करीब दो महीने का समय लग जाता है। जब तक समय पूरा होगा तब तक गर्मी का मौसम शुरू हो जाएगा।
तारकोल की सड़कों के निर्माण के लिए 14 डिग्री से कम तापमान सही नहीं होता है। फरवरी तक डामर की सड़कों के बजाय मिट्टी और गिट्टी के काम किए जाएंगे। सीसी रोड के निर्माण पर जोर रहेगा। बाकी स्टीमेट बनाने के काम किए जाएंगे। हालांकि इमरजेंसी में गड्ढे भरने हैं या कुछ और यह काम कराएंगे जाएंगे - नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड, पीडब्ल्यूडी।
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