Kannauj: हिस्ट्रीशीटर का बेटा बरसा रहा था गोलियां... वारदात का Video सोशल मीडिया में Viral
कन्नौज में हिस्ट्रीशीटर मुनुआं यादव के बेटे का वीडियो वायरल हो रहा है।
कन्नौज में हिस्ट्रीशीटर मुनुआं यादव के बेटे का फायरिंग करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह बंदूक से लगातार फायरिंग कर रहा है।
कन्नौज, अमृत विचार। धरनीधरपुर नगरिया गांव में 25 दिसंबर को हिस्ट्रीशीटर मुनुआं यादव के बेटे अभय यादव उर्फ टिंकू ने छत से पुलिस कर्मियों पर गोली चलाई थी। उसका फायरिंग करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह बंदूक से लगातार फायरिंग कर रहा है। यह वीडियो पड़ोस के गांव दीनपुर नगरिया के कुछ युवकों ने मोबाइल से बनाया है, जो खेत में काम कर रहे थे। हालांकि अमृत विचार इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के धरनीधरपुर नगरिया गांव में सिपाही सचिन राठी की हत्या के 11 दिन बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें तीन सिपाही दो बाइक से हिस्ट्रीशीटर मुनुआं यादव के घर के पास खड़े दिख रहे हैं और उन्होंने मुनुआं को पकड़ रखा है। पुलिस कर्मियों और उनमें बहस हो रही है, उसी समय हिस्ट्रीशीटर का नाबालिग बेटा टिंकू यादव छत पर बंदूक लेकर जाता है और फायरिंग करने लगता है तो सिपाही जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगते हैं। उसी दौरान एक गोली सिपाही सचिन राठी को लग जाती है और वह वहीं गिर जाते हैं।
वायरल वीडियो में गोलियां चलने की आवाज साफ सुनाई दे रही है। फायरिंग के बाद सिपाहियों को भागते हुए देखा जा सकता है। पुलिस की जांच के लिए यह वीडियो अहम साबित होगा। बताया जाता है कि फायरिंग के बाद मुनुआं भी घर के अंदर छिप कर गोलियां चलाने लगा था। करीब तीन घंटे तक हुई फायरिंग में उसने 40 राउंड फायर किए थे। सीओ ओंकारनाथ शर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है। पुष्टि होने पर इसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
मकान ध्वस्त होते ही विरोधियों ने ली राहत की सांस
हिस्ट्रीशीटर का मकान ध्वस्त होने के बाद मुनुआं के विरोधियों ने राहत की सांस ली है। पिछले दो दशक से वह इलाके के लोगों के लिए आतंक का पर्याय बना था। जेल में होने के बाद भी उसकी हनक अब भी लोगों के जेहन में जिंदा है, जिससे उसके ध्वस्त मकान के मलबे के पास कोई नहीं पहुंचा। मकान के अलावा उसके गांव में भी सन्नाटा पसरा रहा। दबी जुबान से लोगों ने बताया कि कई लोग सताये जाने के बाद भी उसके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे।
