पीलीभीत: बढ़ते कोहरे में जिम्मेदारों का सुधार ही बना मुसीबत, हादसे का खतरा... जानिए पूरा मामला
पीलीभीत, अमृत विचार: भले शासन प्रशासन की ओर से घने कोहरे में हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सड़कों के गड्ढे भरने, सफेद पट्टियां और स्पीड ब्रेकर बनाने के आदेश दिए हो। लेकिन शहर में धरातल पर काम नहीं दिख रहा है। व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के नाम पर औपचारकिता बरती जा रही है। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
आलम यह है कि पानी की पाइप लीकेज ठीक करने के लिए शहर में कई जगह गहरे-गहरे गड्ढे खोदकर डाल दिए हैं। जोकि इस घने कोहरे में कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। शहर में करीब पांच से अधिक स्थानों पर गड्ढे खोद गए हैं। जहां कोई भी गति अवरोधक साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसके अलावा सड़क किनारे मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं, उससे भी हादसे का खतरा बढ़ गया है।
बता दें कि शहर में गैस लाइन बिछाने के लिए कई जगह ड्रिल मशीन से खुदाई कर पाइप लाइन डाली गई थी। गैस लाइन डालने में वहां पहले से बिछी पानी की पाइप लाइन कई जगह से लीकेज हो गई। पानी का रिसाव होने के साथ कई जगह सप्लाई ठप हो गई।
नगरपालिका की ओर से पानी लाइन की मरम्मत करने के लिए शहर की पॉश अशोक कॉलोनी, गांधी स्टेडियम रोड, बल्लभनगर, एकता नगर कॉलोनी समेत कई स्थानों पर गहरे-गहरे गड्ढे खोद दिए। गड्ढों को खोदे हुए सप्ताह भर से अधिक समय बीत चुका है। मगर अभी तक न तो गड्ढे ठीक किए गए हैं, और न ही पानी के लाइन के लीकेज।
नगरपालिका के जल कल विभाग का तर्क है कि शहर में अमृत योजना के तहत पाइप लाइन बिछाई गई थी। जिसका सामान नगरपालिका के पास मौजूद नहीं है। लीकेज को ठीक करने वाला ब्लॉक नहीं है। जिसके लिए जल निगम को उपकरण मांगने के लिए पत्र भेजा है। दो से तीन दिन में उपकरण आने की उम्मीद है। जिसके बाद गड्ढों को बंद करा दिया जाएगा।
मगर उपकरण न होने की वजह से गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया है। इन खुले गड्ढों के चारों तरफ कोई भी बोर्ड आदि नहीं लगाया गया है। कोहरे के बीच ये गड्ढे कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। बीते दिनों अशोक कॉलोनी गेट के मोड़ पर एक साइकिल सवार गड्ढे में गिरते गिरते बचा था।
शहरवासी पानी की सप्लाई के लिए भी तरस रहे हैं। नगरपालिका और गैस लाइन बिछाने वालों के बीच की कहानी में शहरवासियों को पानी की किल्लत के साथ इन खुल गड्ढों को झेलना पड़ रहा है।
हाईवे पर भी संभलकर करें सफर
टनकपुर हाईवे पर गौहनिया चौराहा से नकटादाना चौराहा तक सड़क की दोनों ओर फुटपाथ सड़क से काफी निचाई पर हैं। एक माह के भीतर कई हादसे हो चुके हैं। एफसीआई गोदाम के पास वारदाना लेकर जा रही डीसीएम भी पलट गई थी और छात्राएं भी गिरकर घायल हुई थी।
डीएम ने इसका संज्ञान लेते हुए ठेकेदार को बीते दिनों तलब किया था। जिसके बाद अब फुटपाथ और सड़क को समतल करने के लिए मिट्टी डाल दी गई है। मगर मिट्टी के ये ढेर इन दिनों हादसे को न्यौता देते दिखाई दे रहे हैं। बेतरतीब तरीके से मिट्टी का ढेर लगा दिया गया है। पैदल चलने वाले भी गिरकर चोटिल हो रहे हैं। रात के वक्त कोहरे के बीच सफर करना तो बेहद खतरों भरा हो गया है।
गन्ना चौराहा भी जर्जर, सड़क भी बदहाल
टनकपुर हाईवे पर तत्कालीन डीएम पुलकित खरे ने टनकपुर हाईवे पर गन्ना चौराहा का सौंदर्यीकरण कराया था। चौराहा बनने के बाद वह कुछ समय के लिए लाइटों से जगमग रहा था। हाईवे पर फैक्ट्री को जाने वाले ट्रकों को निकालने के लिए चौराहा के एक साइड से रास्ता दिया गया था, जो अब पूरी तरह से बदहाल हो चुका है। सड़क पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं। ईट के टुकड़े और मिट्टी डाल दी है। धूल के गुबार ने भी राहगीरों को परेशान कर दिया है।
गैस लाइन बिछाने के दौरान पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। लीकेज ठीक करने के लिए गड्ढे किए गए हैं। उपकरण आने वाले हैं। जल्द ही लीकेज को ठीक कराकर गड्ढों को बंद करा दिया जाएगा। साथ ही गैस लाइन कंपनी को नोटिस दिया गया है। साथ ही उन पर जुर्माना भी डाला गया है--- लाल चंद भारती, ईओ नगरपालिका।
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