अयोध्या: शहीद-ए-आजम भगत सिंह की मनाई गई 113वीं जयंती

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अयोध्या, अमृत विचार। भारत के महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 113 वी जयंती पर नगर निगम प्रांगण में शहीद-ए-आजम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर इंकलाब जिंदाबाद, शहीद तेरे अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएंगे, के नारे लगाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष कामरेड धीरज द्विवेदी व संचालन मण्डल प्राभारी कामरेड वीनोद सिंह …

अयोध्या, अमृत विचार। भारत के महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 113 वी जयंती पर नगर निगम प्रांगण में शहीद-ए-आजम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर इंकलाब जिंदाबाद, शहीद तेरे अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएंगे, के नारे लगाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष कामरेड धीरज द्विवेदी व संचालन मण्डल प्राभारी कामरेड वीनोद सिंह ने की।

जयंती में उपस्थिति लोगों को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश महासचिव सत्यभान सिंह जनवादी ने कहा “क्रांतिकारियों ने अपने लिए नही, अपनों के लिए गर्दन कटाई” शहीदे आजम भगत सिंह एक बौधिक क्रांतिकारी थे। आज देश में जिस तरह किसानों और मजदूरों व आम आदमी का शोषण हो रहा है ऐसे आजाद भारत की कल्पना भगत सिंह ने नही की थी। शहीद भगत सिंह ने संपूर्ण आजादी की बात की थी। वो शोषण मुक्त समाज और किसानों मजदूरों के हितों के समर्थक थे। साम्राज्यवाद के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए अंग्रेजी हुकूमत को देश से भगाया। भगतसिंह क्रांतिकारी के साथ साथ लेखक,विचारक व बहुत अच्छे संगठन करता थे। इसलिए आज युवाओं एकजुट होकर युवा विरोधी ताकतों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार होना होगा।

बरिष्ठ नेता कामरेड राजेश नन्द ने कहा की भगत सिंह के विचारों को आत्मसात करके व उनके द्वारा बताए गए सिद्धांतों रास्तों पर चलकर की उनके सपनों के भारत का निर्माण किया जा सकता है। इसी के साथ कामरेड राजेश नन्द ने क्रांतिकारी गीत भी “मेरी कलम मेरे जजबातों से वाकिफ है, मैं इश्क भी लिखता हूं तो इंकलाब लिख जाता है” सुनाया। कार्यक्रम का संचालन जनौस मण्डल प्राभारी विनोद सिंह ने किया। इस मौके पर रामदुलारे, रामवती, कामरेड प्रभावती, बालकृष्ण यादव, अजय श्रीवास्तव बाबा, शिवकुमार श्रीवास्तव, अनुराग यादव, सत्यम विश्कर्मा, अशोक यादव,कामरेड रामजी तिवारी, विवेक यादव, महावीर पाल आदि मौजूद रहे।

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