दो दशक बाद भी नहीं शुरू हुआ टाटपट्टी केंद्र, किसानों को उठानी पड़ रही परेशानी
अमेठी, अमृत विचार। संग्रामपुर विकास खण्ड के शीतलागंज मजरे पुन्नपुर में आसपास गावो में जूट की खेती करने वाले किसानों को अपना उत्पाद बिक्री करने के लिए कोई समस्या न हो इसके लिए टाटपट्टी केंद्र खोलने की व्यवस्था की गई थी। करीब बीस साल पहले इस केंद्र के भवन को तैयार कर दिया गया लेकिन आज तक भवन का संचालन नही शुरू हो पाया। जिससे लाखो की लागत से बना भवन निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है।
संग्रामपुर विकास खण्ड के गोरखापुर, अम्मरपुर, भिटहरी, कैथोला, बड़गांव, मुहिबशाह, कंसापुर, पुन्नपुर, सरैया बड़गांव, मिसरौली बड़गांव सहित दर्जन भर गांवो में दो दशक पहले सनई की खेती बड़े पैमाने पर होती थी। सनई को तैयार कर किसानो को बिक्री के लिए पड़ोसी जिले रायबरेली और प्रतापगढ़ की अंतू मंडी जाना पड़ता था। किसानों को ब्लॉक में ही मंडी दिलाने के लिये पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के प्रयास से ब्लॉक के शीतलतागंज बाजार में टाटपट्टी केंद्र बनवाया गया था। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण टाट पट्टी केंद का ताला आज तक नही खुल पाया जिससे लाखो की लागत से बना भवन निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है।
स्थानीय किसान सुनील सिंह, महेंद्र बहादुर सिंह, जगदेव सिंह, राम कुमार वर्मा, साधू वर्मा, रामकेवल मौर्या आदि किसानों ने बताया कि बीस साल पहले टाटपट्टी केंद्र बनाया गया हालांकि यह शोपीस बनकर रह गया केंद्र का संचालन नही होने से किसानो ने फसल बोना ही बंद कर दिया है। वही बताया कि भवन का उपयोग अन्य किसी सरकारी कार्यालय के रूप में किया जा सकता है। किसान राम औतार, विनोद कुमार ने बताया कि शीतलागंज बाजार में साधन सहकारी का भवन एक दशक पहले जर्जर होकर गिर गया जिसके बाद खाद के लिए कई किलोमीटर दूर चक्कर लगाना पड़ता है। अगर इसी भवन में साधन सहकारी समिति संचालित करा दिया जाए तो किसानों को यही पर पहले की तरह खाद-बीज मिलने लगेगा जिससे किसानों को सहूलियत मिलेगी। संग्रामपुर बीडीओ शिव पूजन भारती ने बताया कि किसानों की मांग पत्र प्राप्त होते ही जांच कराकर टाटपट्टी केंद्र में साधन सहकारी समिति संचालन के लिए विभाग को पत्र लिखा जायेगा ।
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