पीलीभीत: खांसी, बुखार और जुकाम के मरीजों की बढ़ी संख्या

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। जिले में लगातार चल रही शीतलहर का प्रकोप मंगलवार को जारी रहा। सर्द हवाओं और गलन के बीच मामूली धूप भी लोगों को राहत नहीं दे सकी। सर्द हवा के बाद तापमान  में गिरावट आई तो मेडिकल कॉलेज में सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर दो गुना हो गई।  

मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 848 नए पर्चे बने। सभी मरीजों को डॉक्टरों ने देखा। उधर, बच्चा वार्ड में भी कोल्ड डायरिया और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या भी अधिक रही। जिसको लेकर दोपहर तक मरीजों की भीड़ लगी रही नए साल में तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। सुबह-शाम की ठंड बढ़ गई है। बच्चों और बुजुर्गों पर भारी पड़ रही है।

मंगलवार को पीलीभीत का तापमान अधिकतम 16.1 डिग्री और न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से कोहरा छाया रहा।  दोपहर में निकली धूप में भी तेजी नहीं रही।सर्दी शुरू होते ही बच्चे सर्दी, जुकाम, बुखार से लेकर निमोनिया एवं कोल्ड डायरिया के शिकार होने लगे हैं।

चिकित्सकों के मुताबिक, अब तक ऐसे रोगियों की संख्या 90-100 के आसपास रहती थी, जो केवल दो दिन में ही बढ़कर 250 पार पहुंच गई है। मंगलवार को सुबह से मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पर्चा काउंटर पर मरीज और तीमारदारों की भीड़ लगी रही।

जहां पर्चो बनवाने के लिए मरीज घंटो लाइन में खड़े दिखे। हांलाकि ऑनलाइन के माध्यम से 286 पर्चे बने। जबकि आफलाइन में 562 पर्चे बनाए गए।  डॉक्टरों को दिखने के लिए डॉक्टरों के चैंबर के बाहर मरीज दिखे। सबसे अधिक भीड़ जनरल फिजीशियन के चैंबर के बाहर लगी रही।

सर्दी जुकाम, बुखार खांसी के मरीजों की संख्या अधिक रही। जिनमें बच्चे भी शामिल थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित सचान बताते हैं कि शुरुआती ठंड में सबसे ज्यादा नवजात शिशुओं को देखरेख की जरूरत होती है। ऐसे में जरा सी लापरवाही बच्चे को मुश्किल में डाल सकती है। इसलिए जितना हो सके बच्चे का ख्याल रखें। कई स्तरों में गर्म कपड़े पहनाएं। सुबह और देर शाम बच्चों को टहलाने से बचें। बीमार बच्चे का इधर-उधर इलाज न कराकर सीधे अस्पताल लेकर जाएं।

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