पीलीभीत: लड़खड़ाते बाघ की टीम करेगी मॉनिटरिंग, पशु चिकित्सक-बायोलॉजिस्ट शामिल
पीलीभीत, अमृत विचार: पीटीआर की महोफ रेंज में लड़खड़ाते बाघ को लेकर टाइगर रिजर्व प्रशासन सतर्क हुआ है। बाघ की मॉनीटरिंग के लिए एसडीओ के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। बाघ की शारीरिक स्थिति की जानने को चार ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं।
पिछले दिनों पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज से सटे माधोटांडा-खटीमा मार्ग पर एक लड़खड़ाते बाघ का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में बाघ के अगले दांये पैर से लगड़ाकर चलते देखा जा रहा था। इसके बाद भी बाघ से संबधित वीडियो वायरल हुए। इन वायरल वीडियो में भी बाघ लंगड़ाते हुए चहलकदमी करते देखा गया।
वन्यजीव प्रेमियों द्वारा बाघ को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे थे। इनमें कुछ का मानना है कि बाघ के चलने फिरने में आ रही दिक्कत को लेकर वह शिकार करने में भी अक्षम होगा। बाघ माधोटांडा-खटीमा मार्ग के किनारे ही मूवमेंट कर रहा है, ऐसे में वह किसी इंसान पर भी हमला कर सकता है।
हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद शुरूआती दौर में इसे महज सामान्य सी बात कहकर वनकर्मियों से निगरानी कराई जा रही थी। इधर पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बाघ की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्णय लिया है।
इसको लेकर उप प्रभागीय वनाधिकारी माला के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम में पशु चिकित्सक से लेकर बायोलॉजिस्ट को भी शामिल किया गया है। टीम में उप प्रभागीय वनाधिकारी माला दिलीप तिवारी, महोफ के वन क्षेत्राधिकारी सहेंद्र यादव, पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार और बायोलॉजिस्ट लवप्रीत सिंह को शामिल किया गया है।
गठित टीम बाघ ही प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखेगी। वहीं बाघ के मूवमेंट वाले स्थानों पर चार ट्र्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। इसके जरिए बाघ के स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी। पीटीआर के अफसर बाघ के पैर में सूजन की वजह लगड़ाकर चलने की बात कह रहे हैं।
बाघ की लगातार मॉनिटरिंग कराई जाएगी। इसको लेकर उप प्रभागीय वनाधिकारी माला के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जो बाघ की हर गतिविधि पर निगाह रखेगी। चार ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। पूरी स्थिति की पड़ताल करने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा--- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर।
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