पीलीभीत: रेहड़ी पटरी वालों को नहीं तलाश पाए स्थान, कैसे होगा अतिक्रमण का समाधान?...जानिए मामला

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार: शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए पिछले साल की गई तैयारियां ऐन वक्त पर धराशायी हो गई थी। पहले रेहड़ी पटरी वालों के लिए जगह मुहैया कराने के बाद अभियान चलाने की बात कहकर अभियान स्थगित कर दिया गया। मगर डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बाद अब ये मुहिम ही ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। न तो कोई स्थान चिन्हित किया जा सका है, न ही जाम की दिक्कत से राहगीरों को छुटकारा मिल सका है। सड़कों पर बेतरतीब पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या जस की तस बनी हुई है।

बता दें कि करीब ढाई लाख की आबादी वाला शहर सालों से अतिक्रमण के शिकंजे में है। 2015  में चले अभियान में ही अतिक्रमणकारियों पर असल कार्रवाई हो सकी थी। उस वक्त शहर पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, लेकिन उसके बाद निगरानी भी नहीं की जा सकी और हालात पुन: बदतर हो गए। 

अतिक्रमणकारियों ने पुन: सड़कों और नालों पर कब्जा कर लिया। पिछले साल दीपावली से पूर्व शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए एक बार फिर से सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में अभियान शुरू किया गया। विरोध के साथ राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ा तो अभियान को रोक दिया गया। दीपावली निपटने के बाद प्रशासन की ओर से अभियान को लेकर बाकायदा पूरी रूपरेखा तैयार की गई। 

मगर उसके बाद दोबारा अतिक्रमण अभियान ठप पड़ गया है। पहले तीन दिन शहर में मुनादी कराते हुए लोगों से अतिक्रमण हटाने की अपील करते हुए कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।मगर रणनीति बदलती गई और अभियान ही पस्त पड़ गया। जिम्मेदारों ने स्थायी समाधान कराने के लिए रेहड़ी पटरी वालों के लिए जगह चिन्हित करने की बात तो कही लेकिन डेढ़ माह बाद भी इसे लेकर कोई प्रयास तक नहीं किया जा सका है।   

जिसके चलते गांधी स्टेडियम रोड, मुख्य बाजार, रेलवे स्टेशन रोड, लोहा मंडी, चूड़ी वाली गली समेत अन्य मुख्य मार्गों पर फुटपाथ तक दुकानें सजाई जा रही है। बेतरतीब तरीके से वाहन पार्क किए जा रहे हैं।जिसके चलते कई बार राहगीरों को जाम से जूझना पड़ रहा है।

हाईवे पर भी दिक्कत, लग रहा जाम
एक तरफ शहर की मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से यातायात व्यवस्था बेपटरी है। वहीं, टनकपुर हाईवे पर सड़क और फुटपाथ को समतल नहीं किया जा सका है। वहां मिट्टी के ढेर तो लगा दिए गए लेकिन इसके बाद ऐसे ही छोड़ दिया गया है।  जिससे कोहरे के बीच हादसे का डर बना हुआ है। वहीं, दिन में कई बार जाम लग रहा है। शुक्रवार को भी  टनकपुर हाईवे पर दोपहर में वाहनों का लोड बढ़ते ही जाम लग गया।

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